विधायक अखिल गोगोई के चुनावी हलफनामे पर विवाद, असम विधानसभा सचिवालय ने गृह विभाग से मांगी रिपोर्ट
असम विधानसभा में निर्दलीय विधायक अखिल गोगोई द्वारा अपने चुनावी हलफनामे में आपराधिक मामलों की पूरी जानकारी नहीं देने के आरोपों पर विवाद गहरा गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस मामले में अब विधानस
असम विधानसभा में निर्दलीय विधायक अखिल गोगोई द्वारा अपने चुनावी हलफनामे में आपराधिक मामलों की पूरी जानकारी नहीं देने के आरोपों पर विवाद गहरा गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस मामले में अब विधानसभा सचिवालय ने राज्य के गृह विभाग से गोगोई के खिलाफ लंबित सभी आपराधिक मामलों का विस्तृत ब्योरा तलब किया है।
यह घटनाक्रम विधानसभा में गोगोई और संसदीय कार्य मंत्री पीयूष हजारिका के बीच हुई तीखी बहस के बाद सामने आया है। हजारिका ने सदन में आरोप लगाया था कि रायजोर दल के प्रमुख गोगोई ने चुनाव आयोग को दिए गए अपने शपथपत्र में सभी आपराधिक मामलों का खुलासा नहीं किया और इस तरह गलत जानकारी दी।
क्या है पूरा मामला?
मंत्री पीयूष हजारिका के मुताबिक, सरकारी रिकॉर्ड में अखिल गोगोई के खिलाफ कुल 32 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि उन्होंने अपने चुनावी शपथपत्र में सिर्फ 21 मामलों का ही जिक्र किया था। इस मुद्दे को लेकर सदन में दोनों नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसमें एक-दूसरे पर सदन और जनता को गुमराह करने के आरोप लगाए गए।
सचिवालय ने मांगी प्रमाणित जानकारी
इस विवाद के बाद, विधानसभा सचिवालय ने गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को पत्र लिखकर 13 जुलाई तक अखिल गोगोई से जुड़े सभी लंबित मामलों की पूरी जानकारी देने का निर्देश दिया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह रिपोर्ट मिलने के बाद इसे आगे की कार्रवाई के लिए विधानसभा अध्यक्ष बिस्वजीत दैमारी के समक्ष पेश किया जाएगा। इस कदम को किसी भी प्रक्रियागत कार्रवाई से पहले गृह विभाग से प्रमाणित रिकॉर्ड हासिल करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
फिलहाल, इस पत्र पर न तो अखिल गोगोई और न ही गृह विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आई है। गृह विभाग की रिपोर्ट और कानूनी प्रावधानों के आधार पर ही इस मामले में कोई फैसला लिया जाएगा, जिसके बाद इस मुद्दे पर विधानसभा में आगे भी बहस होने की संभावना है।
इनपुट: IANS



