भारतीय वायुसेना का 'तरंग शक्ति-2026': जोधपुर में जुटेंगे अमेरिकी F-35 और फ्रांसीसी राफेल समेत 40 देशों के विमान
भारतीय वायुसेना इस साल अपने सबसे बड़े बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास 'तरंग शक्ति-2026' की मेजबानी करने जा रही है, जिसमें दुनिया के कुछ सबसे उन्नत लड़ाकू विमान हिस्सा लेंगे। इस अभ्यास का मुख्य आकर्षण…
भारतीय वायुसेना इस साल अपने सबसे बड़े बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास 'तरंग शक्ति-2026' की मेजबानी करने जा रही है, जिसमें दुनिया के कुछ सबसे उन्नत लड़ाकू विमान हिस्सा लेंगे। इस अभ्यास का मुख्य आकर्षण अमेरिका के अत्याधुनिक F-35 और फ्रांस के राफेल लड़ाकू विमानों की भागीदारी होगी, जो भारतीय विमानों के साथ मिलकर जटिल हवाई अभियानों का अभ्यास करेंगे। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह अभ्यास 28 सितंबर से 11 अक्टूबर तक राजस्थान के जोधपुर वायुसेना स्टेशन पर आयोजित किया जाएगा।
इस व्यापक सैन्य अभ्यास में लगभग 40 देशों के शामिल होने की उम्मीद है। इनमें से कुछ देश अपने लड़ाकू विमानों और अन्य हवाई संपत्तियों के साथ सक्रिय रूप से भाग लेंगे, जबकि अन्य देश पर्यवेक्षक की भूमिका में होंगे। इसका उद्देश्य विभिन्न वायु सेनाओं के बीच परिचालन सहयोग, आपसी तालमेल और संयुक्त सामरिक प्रक्रियाओं को मजबूत करना है।
कौन-कौन से देश और विमान होंगे शामिल?
इस युद्धाभ्यास में भारत के अलावा सात देश अपने विमानों के साथ हिस्सा ले रहे हैं। अमेरिका छह F-35 लड़ाकू विमान और दो केसी-135 विमान भेजेगा। वहीं, फ्रांस की ओर से सात राफेल, तीन ए400एम और दो एमआरटीटी विमान शामिल होंगे। संयुक्त अरब अमीरात भी छह F-16 और एक ग्लोबल 6000 विमान के साथ अपनी मौजूदगी दर्ज कराएगा।
अन्य प्रतिभागी देशों में ऑस्ट्रेलिया (एक सी-130), बांग्लादेश (एक सी-130), जर्मनी (दो ए400एम) और श्रीलंका (एक किंग एयर 350) शामिल हैं। भारतीय वायुसेना भी अपने प्रमुख लड़ाकू विमानों जैसे राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, एलसीए तेजस, जगुआर, मिराज और मिग-29 के साथ इस अभ्यास में उतरेगी।
अभ्यास का उद्देश्य और कार्यक्रम
‘तरंग शक्ति-2026’ का लक्ष्य प्रतिभागी वायु सेनाओं को एक-दूसरे की परिचालन प्रक्रियाओं और अनुभवों को समझने का अवसर प्रदान करना है। इस दौरान विभिन्न परिस्थितियों में हवाई मिशनों के संचालन, रणनीतिक समन्वय और क्षमताओं का परीक्षण किया जाएगा। यह युद्धाभ्यास मित्र देशों की वायु सेनाओं के बीच पेशेवर आदान-प्रदान और अनुभव साझा करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा। अभ्यास के दौरान 10 अक्टूबर को विशिष्ट आगंतुकों और मीडिया के लिए एक विशेष दिवस भी आयोजित किया जाएगा, जहाँ विभिन्न देशों के दल और विमानों की गतिविधियों को करीब से देखा जा सकेगा।
इनपुट: IANS



