तमिलनाडु: किसानों के लिए बड़ी राहत, फसल लोन की वसूली पर रोक, नया कर्ज देने के निर्देश जारी
तमिलनाडु में फसल ऋण माफी योजना का आंशिक लाभ पाने वाले लाखों किसानों को सरकार ने बड़ी राहत दी है। राज्य भर में सहकारी बैंकों और समितियों को फसल लोन की बकाया राशि की वसूली तत्काल रोकने का आदेश दिया गया…
तमिलनाडु में फसल ऋण माफी योजना का आंशिक लाभ पाने वाले लाखों किसानों को सरकार ने बड़ी राहत दी है। राज्य भर में सहकारी बैंकों और समितियों को फसल लोन की बकाया राशि की वसूली तत्काल रोकने का आदेश दिया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, यह फैसला उन शिकायतों के बाद आया है जिनमें कहा गया था कि किसानों पर कर्ज चुकाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
सहकारी समितियों की रजिस्ट्रार जी. लता ने सोमवार को एक सर्कुलर जारी कर इस संबंध में निर्देश दिए। सरकार का यह कदम उन किसानों के लिए फौरी राहत है, जिनका कर्ज 2026 की माफी योजना के तहत आंशिक रूप से ही माफ हुआ था और वे बाकी रकम चुका नहीं पाने के कारण डिफॉल्टर हो गए थे। अब अगले आदेश तक उनसे किसी भी तरह की वसूली नहीं की जा सकेगी।
पात्र किसानों को 30 सितंबर तक नया लोन
सर्कुलर में सिर्फ वसूली रोकने की ही बात नहीं है, बल्कि पात्र किसानों को नया कर्ज देने की प्रक्रिया तेज करने का भी निर्देश है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि जिन किसानों ने अपना पुराना कर्ज पूरी तरह चुका दिया है, उन्हें 30 सितंबर तक इस सीजन के लिए नया फसल लोन उपलब्ध कराया जाए। यह निर्देश उन शिकायतों के बाद आया है जिनमें कुछ समितियां नया लोन देने में आनाकानी कर रही थीं।
क्यों पड़ी इस आदेश की जरूरत?
दरअसल, सरकार को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई सहकारी समितियां उन किसानों के खिलाफ कर्ज वसूलने के लिए सख्त कदम उठा रही हैं, जिन्हें फसल ऋण माफी योजना 2026 के तहत केवल आंशिक राहत मिली थी।
सहकारी विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 31 दिसंबर 2025 तक कुल 15,108 करोड़ रुपए के फसल लोन बांटे गए थे। इनमें से 5,932.23 करोड़ रुपए के कर्ज को माफी योजना के लिए योग्य माना गया था। इस योजना में सरकार ने 75,000 रुपए तक का फसल लोन माफ किया था, जिससे अब तक 13.34 लाख किसानों के 5,267 करोड़ रुपए के लोन माफ हो चुके हैं।
रजिस्ट्रार ने क्षेत्रीय संयुक्त रजिस्ट्रारों और जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के प्रबंध निदेशकों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
इनपुट: IANS



