शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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पश्चिम बंगाल: होटलों में आग की घटनाओं के बाद सरकार सख्त, एग्जिट दरवाजों के लिए बनेंगे नए नियम

पश्चिम बंगाल में हाल ही में दो होटलों में आग लगने से हुई 18 मौतों के बाद राज्य सरकार ने सुरक्षा नियमों को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अग्निशमन विभाग अब राज्य के…

पश्चिम बंगाल: होटलों में आग की घटनाओं के बाद सरकार सख्त, एग्जिट दरवाजों के लिए बनेंगे नए नियम
(फोटो: IANS)

पश्चिम बंगाल में हाल ही में दो होटलों में आग लगने से हुई 18 मौतों के बाद राज्य सरकार ने सुरक्षा नियमों को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अग्निशमन विभाग अब राज्य के सभी होटलों, लॉज और गेस्ट हाउस के लिए एक सख्त मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार कर रहा है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इन हादसों में मौतों का मुख्य कारण बाहर निकलने के रास्तों का बंद या अपर्याप्त होना पाया गया था, जिसके चलते नए नियमों में इसी पहलू पर सबसे ज़्यादा ज़ोर दिया जा रहा है।

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बीरभूम जिले के तारापीठ और मध्य कोलकाता के मिर्ज़ा ग़ालिब स्ट्रीट पर हुए इन अग्निकांडों ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। इसी के मद्देनज़र, अग्निशमन विभाग ने एक शुरुआती खाका तैयार कर लिया है, जिसे जल्द ही लागू किया जाएगा। नए दिशानिर्देशों का पालन करना सभी हॉस्पिटैलिटी संस्थानों के लिए अनिवार्य होगा और नियमों के सख्ती से अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए नियमित जांच भी की जाएगी।

क्या हैं नए सुरक्षा नियम?

विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नए एसओपी में आपातकालीन निकास यानी एग्जिट दरवाजों पर खास ध्यान केंद्रित किया गया है।

निकासी के रास्ते: सबसे पहली शर्त यह है कि एग्जिट दरवाज़े हर समय बिना ताले के खुले रखे जाएं। साथ ही, इन दरवाज़ों तक जाने वाले रास्ते में किसी भी तरह का सामान रखकर अवरोध पैदा नहीं किया जा सकेगा। इसी तरह, इमारत की छत की ओर जाने वाले दरवाज़े भी खुले रहेंगे और सीढ़ियां पूरी तरह खाली रखी जाएंगी, ताकि आग लगने पर लोग आसानी से छत पर सुरक्षित पहुंच सकें।

दरवाजों की बनावट: नए नियमों के अनुसार, एग्जिट और छत के दरवाज़े लकड़ी या प्लाईवुड जैसे ज्वलनशील पदार्थों के नहीं होने चाहिए। इनकी जगह पर धातु की जालीदार (ग्रिल-गेट) संरचना अनिवार्य होगी, ताकि आग लगने की स्थिति में धुआं आसानी से बाहर निकल सके।

प्रशिक्षित कर्मचारी और मेहमानों की जानकारी

सुरक्षा नियमों के तहत, होटलों और गेस्ट हाउसों को आपातकालीन निकास के लिए स्पष्ट साइनबोर्ड लगाने होंगे। इसके अलावा, संस्थानों को ऐसे कर्मचारियों को प्रशिक्षित कर तैनात करना होगा जो किसी भी आपात स्थिति में मेहमानों को सुरक्षित बाहर निकाल सकें। होटल प्रबंधन के लिए यह भी अनिवार्य होगा कि वे चेक-इन के समय ही मेहमानों को आग जैसी इमरजेंसी में 'क्या करें और क्या न करें' की जानकारी दें।

इनपुट: IANS

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News4Social पश्चिम बंगाल डेस्क

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