अमेरिका-दक्षिण कोरिया का संयुक्त सैन्य अभ्यास 'उल्ची फ्रीडम शील्ड' समय से पहले खत्म, जानें वजह
अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच चल रहा प्रमुख संयुक्त सैन्य अभ्यास 'उल्ची फ्रीडम शील्ड' (UFS) शुक्रवार को अपने तय कार्यक्रम से लगभग एक सप्ताह पहले समाप्त हो रहा है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट…
अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच चल रहा प्रमुख संयुक्त सैन्य अभ्यास 'उल्ची फ्रीडम शील्ड' (UFS) शुक्रवार को अपने तय कार्यक्रम से लगभग एक सप्ताह पहले समाप्त हो रहा है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस साल के अभ्यास में रक्षात्मक अभियानों पर मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित किया गया और जवाबी हमले से जुड़े अभ्यासों को रद्द कर दिया गया, जो आमतौर पर प्रशिक्षण के दूसरे सप्ताह में होते हैं।
यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस हालिया आदेश के बाद आया है जिसमें उन्होंने इन अभ्यासों के स्तर को बड़े पैमाने पर कम करने का निर्देश दिया था। ट्रंप ने इसके पीछे तीन मुख्य कारण बताए थे: इन अभ्यासों की लागत, उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन के साथ उनके अच्छे संबंध, और यह कि ऐसे अभ्यास उत्तर कोरिया को "अनुचित" संदेश भेज सकते हैं। इस कदम को उत्तर कोरिया के साथ बातचीत का रास्ता फिर से खोलने की एक कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
अभ्यास का बदला हुआ स्वरूप
योनहाप न्यूज एजेंसी के अनुसार, UFS अभ्यास को मूल रूप से 11 दिनों तक चलना था, लेकिन अब इसकी अवधि घटाकर पांच दिन कर दी गई है। हालांकि, दक्षिण कोरियाई ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (JCS) ने स्पष्ट किया है कि मैदान में होने वाले कुछ अभ्यास 28 अगस्त तक जारी रहेंगे। JCS के मुताबिक, कुल 14 बड़े फील्ड अभ्यासों में से सात जारी रहेंगे, जबकि बाकी सात को अमेरिका के साथ विचार-विमर्श के बाद दोबारा निर्धारित किया जाएगा।
उत्तर कोरिया का रुख
हालांकि, अमेरिका के इस बदले हुए रवैये का उत्तर कोरिया पर कोई खास असर नहीं दिखा है। दक्षिण कोरिया ने दावा किया है कि उत्तर कोरिया ने गुरुवार को बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, हालांकि प्योंगयांग ने अभी तक इस दावे की पुष्टि नहीं की है। उत्तर कोरिया ने सैन्य अभ्यासों में की गई कटौती को भी यह कहते हुए खारिज कर दिया है कि इससे अभ्यास की कथित आक्रामक प्रकृति में कोई बदलाव नहीं आता। इसके बावजूद, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में इस साल किम जोंग-उन से दोबारा मुलाकात की उम्मीद जताई है।
इनपुट: IANS



