अमरनाथ यात्रा: खराब मौसम के कारण चौथे दिन भी रुका सफ़र, जम्मू-कश्मीर में कई तीर्थयात्राएँ स्थगित
जम्मू-कश्मीर में खराब मौसम और भारी बारिश के चलते अमरनाथ यात्रा बुधवार को लगातार चौथे दिन भी स्थगित रही। भारतीय मौसम विभाग (IMD) की चेतावनी के बाद प्रशासन ने यह फैसला लिया है, जिसके कारण हजारों…
जम्मू-कश्मीर में खराब मौसम और भारी बारिश के चलते अमरनाथ यात्रा बुधवार को लगातार चौथे दिन भी स्थगित रही। भारतीय मौसम विभाग (IMD) की चेतावनी के बाद प्रशासन ने यह फैसला लिया है, जिसके कारण हजारों श्रद्धालु अलग-अलग बेस कैंपों और ट्रांजिट कैंपों में फंसे हुए हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, अमरनाथ के अलावा माता वैष्णो देवी, शिव खोड़ी और मचैल माता की यात्राएं भी रोकी गई हैं।
अधिकारियों ने बताया कि सभी तीर्थयात्री बालटाल और नुनवान (पहलगाम) के कैंपों में सुरक्षित हैं। शनिवार शाम को ही केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन ने IMD द्वारा 19 से 24 जुलाई तक खराब मौसम के अनुमान को देखते हुए सभी यात्राओं को रोकने का आदेश दिया था। इसके तहत मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले में बालटाल और दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में नुनवान-पहलगाम, दोनों मार्गों से होने वाली अमरनाथ यात्रा 18 जुलाई की शाम को ही रोक दी गई थी।
विभिन्न स्थानों पर फंसे हजारों श्रद्धालु
इस रोक के कारण जम्मू से लेकर कश्मीर तक विभिन्न पड़ावों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु यात्रा के दोबारा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, जम्मू स्थित भगवती नगर यात्री निवास और पास के आसाराम बापू आश्रम में करीब 6,000 तीर्थयात्री मौजूद हैं। वहीं, लगातार बारिश को देखते हुए जम्मू में फंसे 2,000 से अधिक तीर्थयात्री अपने-अपने राज्यों को लौट चुके हैं। इसके अलावा, जम्मू के गीता भवन में 250 और पुरानी मंडी के राम मंदिर में 200 साधु रुके हुए हैं, जिनकी सेवा के लिए कई समाजसेवी संस्थाओं ने लंगर शुरू किए हैं।
कश्मीर में, अनंतनाग जिले के नुनवान-पहलगाम में 2,800 तीर्थयात्री फंसे हुए हैं। श्रीनगर के पंथा चौक यात्री निवास में 438, गांदरबल के बालटाल में 134 और रामबन जिले के चंदरकोट यात्री निवास में 458 तीर्थयात्री मौजूद हैं।
कुछ को मिली थी दर्शन की अनुमति
हालांकि यात्रा निलंबित है, लेकिन अधिकारियों ने पहलगाम मार्ग के आखिरी पड़ाव 'पंचतरणी' में पहले से फंसे तीर्थयात्रियों को 19 और 20 जुलाई को पवित्र गुफा के दर्शन की इजाजत दी थी। इसी तरह, बालटाल में फंसे लगभग सभी श्रद्धालुओं को मंगलवार को दर्शन के लिए जाने दिया गया था। लेकिन बुधवार को यात्रा क्षेत्र में भारी बारिश के कारण किसी भी यात्री को पवित्र गुफा की ओर बढ़ने की अनुमति नहीं दी गई।
गौरतलब है कि 3 जुलाई को शुरू होने के बाद से अब तक 3.91 लाख श्रद्धालु श्री अमरनाथ जी की पवित्र गुफा के दर्शन कर चुके हैं। 3888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित बाबा बर्फानी की यह 57-दिवसीय यात्रा 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा के साथ संपन्न होगी।
इनपुट: IANS



