बुधवार, 4 नवम्बर 2026 · नई दिल्ली
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कर्नाटक में दिवाली से पहले बस का सफर महंगा, आधी रात से लागू हुईं नई किराया दरें

दिवाली के त्योहार से ठीक पहले कर्नाटक में बस यात्रा महंगी हो गई है। राज्य सरकार ने सभी चार सरकारी सड़क परिवहन निगमों (RTC) के बस किराए में बढ़ोतरी की घोषणा कर दी है, और यह बढ़ी हुई दरें बुधवार आधी…

कर्नाटक में दिवाली से पहले बस का सफर महंगा, आधी रात से लागू हुईं नई किराया दरें
(फोटो: IANS)

दिवाली के त्योहार से ठीक पहले कर्नाटक में बस यात्रा महंगी हो गई है। राज्य सरकार ने सभी चार सरकारी सड़क परिवहन निगमों (RTC) के बस किराए में बढ़ोतरी की घोषणा कर दी है, और यह बढ़ी हुई दरें बुधवार आधी रात से प्रभावी भी हो गईं। इस फैसले का असर साधारण, एक्सप्रेस, लग्जरी और एयर-कंडीशंड समेत सभी तरह की बसों में सफर करने वाले यात्रियों पर पड़ेगा।

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कर्नाटक के परिवहन मंत्री बायराथी सुरेश ने इस फैसले की जानकारी दी। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, उन्होंने बताया कि यह वृद्धि एक समिति द्वारा अनुशंसित दरों से काफी कम है। मंत्री के मुताबिक, मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और वह खुद प्रस्तावित उच्च दरों से सहमत नहीं थे और यात्रियों पर बोझ कम करने के लिए अंतिम निर्णय लेने में चार दिन का समय लगा।

अलग-अलग सेवाओं पर कितना असर?

किराए में यह वृद्धि दूरी और बस सेवा की श्रेणी के आधार पर अलग-अलग है। बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (BMTC) की बसों में न्यूनतम किराया 6 रुपये से बढ़ाकर 10 रुपये कर दिया गया है, जबकि अधिकतम किराया 35 रुपये से 45 रुपये हो गया है। सबसे ज्यादा 12 रुपये की वृद्धि लंबी दूरी की यात्राओं पर होगी।

वहीं, केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक जाने वाली 'वायु वज्र' सेवाओं का किराया भी 5 रुपये से 15 रुपये तक बढ़ाया गया है। इसी तरह, मैजेस्टिक से हवाई अड्डे के बीच चलने वाली लग्जरी बसों का किराया अब 405 रुपये की जगह 425 रुपये होगा। एयर-कंडीशंड बसों में न्यूनतम किराया 10 रुपये से बढ़कर 15 रुपये हो गया है, और 60 किलोमीटर की यात्रा के लिए अधिकतम किराया 75 रुपये से 90 रुपये कर दिया गया है।

सरकार ने क्यों बताया इस फैसले को ज़रूरी?

सरकार ने इस फैसले का बचाव करते हुए परिवहन निगमों पर बढ़ते वित्तीय बोझ का हवाला दिया है। मंत्री बायराथी सुरेश ने बताया कि चारों निगमों पर कुल 7,719 करोड़ रुपये की देनदारी है, जिसमें 2,192 करोड़ रुपये के कर्ज भी शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की इन निगमों के प्रति कुल देनदारी 9,912 करोड़ रुपये है।

इसके अलावा, उन्होंने बताया कि राज्य में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा वाली 'शक्ति योजना' के कार्यान्वयन के लिए सरकार को सालाना लगभग 5,000 करोड़ रुपये देने होते हैं। हवाई अड्डे की बसों का किराया बढ़ाने पर उन्होंने कहा कि इन सेवाओं का उपयोग करने वाले लोग आम तौर पर संपन्न होते हैं।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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