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आंध्र प्रदेश दोहरी मार की चपेट में: कहीं चक्रवात की तबाही, कहीं सूखे का संकट, CM नायडू ने केंद्र से मांगी मदद

आंध्र प्रदेश इस समय मौसम की दोहरी मार झेल रहा है। एक तरफ जहां तटीय इलाके चक्रवाती तूफान 'मुरासु' से प्रभावित हैं, वहीं रायलसीमा समेत कई अन्य क्षेत्र भीषण सूखे की चपेट में हैं। मुख्यमंत्री एन.…

आंध्र प्रदेश दोहरी मार की चपेट में: कहीं चक्रवात की तबाही, कहीं सूखे का संकट, CM नायडू ने केंद्र से मांगी मदद
(फोटो: IANS)

आंध्र प्रदेश इस समय मौसम की दोहरी मार झेल रहा है। एक तरफ जहां तटीय इलाके चक्रवाती तूफान 'मुरासु' से प्रभावित हैं, वहीं रायलसीमा समेत कई अन्य क्षेत्र भीषण सूखे की चपेट में हैं। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को चक्रवात प्रभावित जिलों का हवाई सर्वेक्षण किया और सूखे की स्थिति का जायजा लेने आई केंद्रीय टीम से भी मुलाकात की। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से राज्य को हर संभव मदद देने की अपील की है।

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बुधवार को मुख्यमंत्री ने चक्रवात 'मुरासु' से प्रभावित गुंटूर, बापटला और प्रकाशम जिलों का हवाई दौरा किया। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों को करमचेडु, कोथापटनम, चिराला, चिलकलुरिपेट और पारचुर जैसे इलाकों में जलभराव को तुरंत दूर करने के निर्देश दिए। एक समीक्षा बैठक में उन्होंने जिला कलेक्टरों को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया कि सड़क यातायात किसी भी हाल में बाधित न हो। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि एलुरु जिले के आदिवासी इलाकों में भारी बारिश हो रही है और कुछ छोटे सिंचाई टैंक भी उफान पर हैं।

सूखे के आकलन के लिए केंद्रीय टीम से मुलाकात

चक्रवात की स्थिति के अलावा, राज्य सूखे की गंभीर समस्या से भी जूझ रहा है। इस सिलसिले में एक अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम (आईएमसीटी) ने बुधवार को मुख्यमंत्री नायडू से मुलाकात की। यह टीम 2 और 3 नवंबर को कुरनूल, नंद्याल, अनंतपुर और श्री सत्य साईं जिलों का दौरा करके लौटी थी। टीम के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को सूखे के आकलन से जुड़े अपने निष्कर्षों से अवगत कराया।

मुख्यमंत्री ने टीम को बताया कि 'अल नीनो' के प्रभाव और कम बारिश के कारण राज्य में सूखे की स्थिति भयावह हो गई है, खासकर रायलसीमा क्षेत्र में। उन्होंने बताया कि अनंतपुर जिले में देश में दूसरी सबसे कम बारिश दर्ज की गई है। कम बारिश के कारण खरीफ की फसलों को भारी नुकसान हुआ है और किसान सिंचाई के पानी, पीने के पानी और पशुओं के चारे की कमी से जूझ रहे हैं।

केंद्र से सहायता की मांग

राज्य सरकार पहले ही 21 जिलों के 388 मंडलों को सूखा प्रभावित घोषित कर चुकी है और नुकसान का आकलन कर केंद्र को एक रिपोर्ट भी सौंप चुकी है। मुख्यमंत्री नायडू ने कहा कि एक सप्ताह के भीतर एक और विस्तृत रिपोर्ट केंद्र को भेजी जाएगी। उन्होंने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर देते हुए केंद्रीय टीम से आग्रह किया कि वीबी-जी राम जी योजना के तहत काम के दिनों की न्यूनतम संख्या को 200 दिन किया जाए और इसका उपयोग कृषि कार्यों में करने की अनुमति दी जाए, ताकि कृषि मजदूरों की कमी दूर हो सके।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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