IIT दिल्ली में छात्र मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता: नई नीतियां, ज़्यादा काउंसलर और शिकायत अधिकारी की नियुक्ति
आईआईटी दिल्ली अपने छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण को बेहतर बनाने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना लागू करने जा रहा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस योजना के तहत अतिरिक्…
आईआईटी दिल्ली अपने छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण को बेहतर बनाने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना लागू करने जा रहा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस योजना के तहत अतिरिक्त मनोवैज्ञानिकों की भर्ती से लेकर एक स्वतंत्र शिकायत निवारण अधिकारी की नियुक्ति तक कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएँगे। इन बदलावों का आधार एक जाँच समिति की सिफ़ारिशें हैं, जिसका गठन संस्थान के एक छात्र ऋषिकेश कुमार की अगस्त में हुई दुखद मृत्यु के बाद किया गया था।
दिल्ली हाई कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश मुक्ता गुप्ता की अध्यक्षता वाली इस समिति ने अपनी रिपोर्ट संस्थान को सौंप दी है, जिसे गोपनीय रखने का निर्देश दिया गया है। समिति में एम्स के एक वरिष्ठ विशेषज्ञ और दो छात्र प्रतिनिधि भी शामिल थे। संस्थान ने समिति की सिफारिशों पर अमल के लिए एक आंतरिक कमेटी बनाई और उसकी विस्तृत कार्ययोजना 31 अक्टूबर को छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों के साथ साझा की। 3 नवंबर को छात्र मामलों की परिषद की बैठक में छात्रों से मिले सुझावों को भी इस योजना में शामिल कर लिया गया है।
मानसिक स्वास्थ्य सहायता होगी मज़बूत
छात्रों को बेहतर पेशेवर मदद देने के लिए संस्थान अब अतिरिक्त पूर्णकालिक क्लिनिकल मनोवैज्ञानिकों और काउंसलरों की भर्ती करेगा। साथ ही, समय-समय पर विशेषज्ञ परामर्श के लिए आने वाले मनोचिकित्सकों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं और नशीले पदार्थों के उपयोग से जुड़े कानूनों को लेकर जागरूकता अभियान भी चलाए जाएँगे।
कर्मचारियों और शिक्षकों की अनिवार्य ट्रेनिंग
संस्थान ने अपने प्रशासनिक कर्मचारियों, हॉस्टल स्टाफ और शिक्षकों के लिए कुछ कार्यशालाओं को अनिवार्य करने का निर्णय लिया है। इन कार्यशालाओं में सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार, संवाद कौशल और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे छात्रों के साथ बेहतर ढंग से जुड़ सकें।
पढ़ाई पर लौटने वाले छात्रों के लिए विशेष व्यवस्था
लंबी छुट्टी के बाद पढ़ाई पर लौटने वाले छात्रों के लिए एक औपचारिक व्यवस्था बनाई जाएगी। इसके तहत उन्हें विशेष परामर्श दिया जाएगा और अकादमिक स्तर पर समन्वय करके उनकी पढ़ाई को दोबारा पटरी पर लाने में मदद की जाएगी। इन छात्रों की सहायता के लिए साथी छात्रों का एक नेटवर्क भी तैयार किया जाएगा।
शिकायतों के समाधान और समीक्षा की नई प्रणाली
शिकायत निवारण लोकपाल: छात्रों की समस्याओं और शिकायतों के त्वरित और निष्पक्ष समाधान के लिए एक स्वतंत्र छात्र शिकायत निवारण लोकपाल की नियुक्ति की जाएगी।
व्यापक समीक्षा: मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रणाली और कल्याण नीति की व्यापक समीक्षा के लिए एक अलग समिति बनाई जाएगी। इसमें मानसिक स्वास्थ्य के दो वरिष्ठ विशेषज्ञ, एक कल्याण पेशेवर और दो छात्र प्रतिनिधि होंगे। यह समिति मौजूदा व्यवस्थाओं का आकलन कर उनमें सुधार के लिए सुझाव देगी।
इनपुट: IANS



