गुजरात: कच्छ में अदाणी ग्रुप और यूनिवर्सिटी ने मिलकर खोला ग्रीन एनर्जी सेंटर, हर साल 10,000 छात्रों को मिलेगी ट्रेनिंग
भारत के तेजी से बढ़ते नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में कुशल पेशेवरों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए गुजरात के कच्छ में एक बड़ी पहल की गई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, अदाणी समूह की कौशल…
भारत के तेजी से बढ़ते नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में कुशल पेशेवरों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए गुजरात के कच्छ में एक बड़ी पहल की गई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, अदाणी समूह की कौशल विकास इकाई और कच्छ यूनिवर्सिटी ने भुज में एक 'ग्रीन एनर्जी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' (COE) का उद्घाटन किया है। इस केंद्र का लक्ष्य हर साल 10,000 से अधिक छात्रों को भविष्य की ऊर्जा जरूरतों से जुड़ी विशेष ट्रेनिंग देना है।
इस संस्थान का उद्घाटन रविवार को गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने किया। यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब भारत ने 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य रखा है, जिसके चलते स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश हो रहा है और प्रशिक्षित कार्यबल की भारी आवश्यकता महसूस की जा रही है। अदाणी ग्रुप के अनुसार, अकेले कच्छ जिले में ही पिछले दो वर्षों में उसकी हरित ऊर्जा परियोजनाओं से 21,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा हुए हैं।
प्रशिक्षण के प्रमुख क्षेत्र और उद्देश्य
यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस छात्रों को कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में प्रशिक्षित करेगा, जिनमें सोलर पीवी टेक्नोलॉजी, विंड एनर्जी सिस्टम, हाइब्रिड एनर्जी सिस्टम, और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) शामिल हैं। इसके अलावा, डिजिटल और इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन पर भी जोर दिया जाएगा। प्रशिक्षण के साथ-साथ यह केंद्र हरित ऊर्जा के क्षेत्र में व्यावहारिक अनुसंधान और उद्यमिता को भी बढ़ावा देगा।
अदाणी समूह के निदेशक करण अदाणी ने इस मौके पर कहा, "यह वैश्विक स्तर का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस युवाओं को भविष्य के कौशल और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान करेगा।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह केंद्र छात्रों को न केवल मौजूदा रोजगार के लिए तैयार करेगा, बल्कि भारत और दुनिया भर में उभरते नए अवसरों का लाभ उठाने में भी सक्षम बनाएगा।
उद्योग और शिक्षा के बीच की खाई को पाटना
अदाणी स्किल्स एंड एजुकेशन के सीईओ रॉबिन भौमिक के अनुसार, नवीकरणीय ऊर्जा उद्योग का विस्तार तो तेजी से हो रहा है, लेकिन कुशल प्रतिभाओं की उपलब्धता उस गति से नहीं बढ़ पाई है। उन्होंने कहा, "कच्छ यूनिवर्सिटी के साथ साझेदारी के माध्यम से उद्योग की जरूरतों को सीधे कक्षा तक पहुंचाया जा सकेगा और छात्रों को वास्तविक तकनीकों से जुड़ा व्यावहारिक अनुभव मिलेगा।"
यह केंद्र एक संरचित शिक्षण मॉडल पर काम करेगा, जिसमें क्लासरूम स्टडी के साथ-साथ सिमुलेशन-आधारित ट्रेनिंग और प्रैक्टिकल अनुभव भी शामिल होगा। उल्लेखनीय है कि कच्छ इस बदलाव का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है, जहां अदाणी समूह खावड़ा में दुनिया की सबसे बड़ी हरित ऊर्जा परियोजनाओं में से एक, 30 गीगावाट क्षमता वाले नवीकरणीय ऊर्जा पार्क का निर्माण कर रहा है।
इनपुट: IANS



