अंतरराष्ट्रीय डाक से ड्रग्स मंगवाने का मामला: सोलन के शख्स को 10 साल की सज़ा
अंतरराष्ट्रीय डाक पार्सल के ज़रिए ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी से ड्रग्स मंगवाने वाले एक शख्स को हिमाचल प्रदेश के सोलन की एक विशेष अदालत ने 10 साल के कठोर कारावास की सज़ा सुनाई है। दोषी पंकज शर्मा पर एक…
अंतरराष्ट्रीय डाक पार्सल के ज़रिए ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी से ड्रग्स मंगवाने वाले एक शख्स को हिमाचल प्रदेश के सोलन की एक विशेष अदालत ने 10 साल के कठोर कारावास की सज़ा सुनाई है। दोषी पंकज शर्मा पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की चंडीगढ़ ज़ोनल यूनिट द्वारा की गई एक सफल कार्रवाई का नतीजा है।
मामला पिछले साल जुलाई का है, जब NCB चंडीगढ़ को ब्रिटेन से अंतरराष्ट्रीय डाक के ज़रिए नशीले पदार्थ भेजे जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद एजेंसी ने 'नियंत्रित डिलीवरी' की अनुमति लेकर कार्रवाई शुरू की।
कैसे पकड़ा गया आरोपी?
जांच के दौरान, NCB की टीम ने पहले ब्रिटेन से आए एक पार्सल से 4.7 ग्राम कोकीन बरामद की। इसके बाद सोलन के मुख्य डाकघर में एक ऑपरेशन चलाया गया। जैसे ही पंकज शर्मा ने पार्सल की डिलीवरी ली, उसे मौके पर ही पकड़ लिया गया।
इसी दौरान, आरोपी ने फ्रांस से आया एक दूसरा पार्सल भी प्राप्त किया। तलाशी लेने पर उस पार्सल से 56.2 ग्राम एमडीएमए (MDMA) मिला, जो कि निर्धारित व्यावसायिक मात्रा (10 ग्राम) से पाँच गुना से भी ज़्यादा था। जाँच को आगे बढ़ाते हुए जर्मनी से भेजे गए एक तीसरे पार्सल का भी पता चला, जिसमें 4.4 ग्राम कोकीन पाई गई। यह पार्सल भी पंकज शर्मा को ही दिया जाना था।
अदालत में कैसे साबित हुआ जुर्म?
NCB ने 19 दिसंबर 2023 को एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत सोलन की विशेष अदालत में शिकायत दर्ज की थी। मुकदमे के दौरान, अभियोजन पक्ष ने डाक विभाग के गवाहों, डिलीवरी के दस्तावेज़ों, ज़ब्ती की कार्रवाई के रिकॉर्ड और वैज्ञानिक सबूतों के आधार पर आरोपी का जुर्म साबित किया।
विशेष न्यायाधीश-द्वितीय, सोलन ने 3 अक्टूबर 2026 को पंकज शर्मा को एनडीपीएस एक्ट की धारा 22(सी) के तहत दोषी ठहराया। NCB ने इस सज़ा को अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी के खिलाफ अपनी खुफिया-आधारित कार्रवाई, वैज्ञानिक जांच और प्रभावी अभियोजन का परिणाम बताया है और 'नशा मुक्त भारत' के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। एजेंसी ने लोगों से अपील की है कि वे ड्रग तस्करी से जुड़ी कोई भी जानकारी टोल-फ्री नंबर 1933 पर दे सकते हैं, जहाँ सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाती है।
इनपुट: IANS



