गुजरात: समान नागरिक संहिता को राष्ट्रपति की मंजूरी, कमेटी सदस्य बोलीं — 'अब महिलाओं-बच्चों को मिलेगा बराबरी का हक़'
गुजरात में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इससे जुड़े प्रस्ताव को अपनी स्वीकृति दे दी है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार…
गुजरात में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इससे जुड़े प्रस्ताव को अपनी स्वीकृति दे दी है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस फैसले के बाद राज्य की UCC कमेटी की सदस्य गीता श्रॉफ ने इसे गुजरात के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए इसका स्वागत किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे महिलाओं, बच्चों और परिवारों को समान अधिकार और न्याय सुनिश्चित होगा।
गीता श्रॉफ ने इस मंजूरी को पूरे गुजरात के लिए एक 'अमूल्य पल' बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति की सहमति के बाद अब राज्य में सभी के लिए एक समान नागरिक कानून का रास्ता साफ हो गया है। उन्होंने यह भी आशा व्यक्त की कि देश के अन्य राज्य भी इस दिशा में गुजरात का अनुसरण करेंगे।
कानूनी जटिलताओं और सामाजिक कार्य का अनुभव
अपने लगभग 35 वर्षों के सामाजिक कार्य के अनुभव का जिक्र करते हुए श्रॉफ ने बताया कि अलग-अलग समुदायों के लिए भिन्न व्यक्तिगत कानूनों के चलते उन्हें कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि अदालतों और पुलिस थानों में महिलाओं, बच्चों और परिवारों से जुड़े मामलों में इन अलग-अलग कानूनों के कारण न्याय की प्रक्रिया अक्सर लंबी और जटिल हो जाती थी। UCC लागू होने से इन मामलों में स्पष्टता आएगी और सबको समान न्याय मिल सकेगा।
समित की प्रक्रिया और आपत्तियों पर स्पष्टीकरण
कुछ समुदायों द्वारा UCC पर उठाई गई आपत्तियों पर गीता श्रॉफ ने कहा कि कई बार लोगों को पूरी जानकारी न होने के कारण उकसाया जाता है। उन्होंने बताया कि कमेटी ने लगभग एक साल तक राज्य में अलग-अलग जगहों पर जाकर धार्मिक गुरुओं, विभिन्न समुदायों और वर्गों के प्रतिनिधियों से विस्तृत चर्चा की थी। इन मुलाकातों के दौरान कई लोगों ने समान नागरिक संहिता की आवश्यकता पर सहमति जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि UCC का उद्देश्य किसी भी धर्म की पूजा-पद्धति या धार्मिक परंपराओं में हस्तक्षेप करना नहीं है, बल्कि सभी नागरिकों को समान अधिकार देना है।
गीता श्रॉफ ने कहा कि UCC के तहत रजिस्ट्रेशन, तलाक और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे मामलों में बदलाव आएंगे, जिससे विशेषकर महिलाओं और बच्चों के अधिकारों और संपत्ति से जुड़े मामलों में न्याय सुनिश्चित होगा। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए गुजरात सरकार, UCC कमेटी की अध्यक्ष रिटायर्ड जस्टिस रंजना देसाई और पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के बाद गुजरात यह कदम उठाने वाला राज्य बना है, जिसका अनुभव भविष्य में पूरे देश के लिए मार्गदर्शक बन सकता है।
इनपुट: IANS



