सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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गुजरात: कम बारिश के बाद 4 जिले सूखाग्रस्त घोषित, सरकार ने राहत पैकेज का किया ऐलान

गुजरात के चार जिलों में इस साल औसत से कम बारिश होने के कारण राज्य सरकार ने उन्हें सूखाग्रस्त घोषित कर दिया है। प्रभावित क्षेत्रों के किसानों और पशुपालकों की मदद के लिए एक बड़े राहत पैकेज का ऐलान किया…

गुजरात: कम बारिश के बाद 4 जिले सूखाग्रस्त घोषित, सरकार ने राहत पैकेज का किया ऐलान
(फोटो: IANS)

गुजरात के चार जिलों में इस साल औसत से कम बारिश होने के कारण राज्य सरकार ने उन्हें सूखाग्रस्त घोषित कर दिया है। प्रभावित क्षेत्रों के किसानों और पशुपालकों की मदद के लिए एक बड़े राहत पैकेज का ऐलान किया गया है, जिसमें फसल क्षति सहायता से लेकर ग्रामीण रोजगार और चारे की व्यवस्था शामिल है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह फैसले 1 नवंबर, 2026 से लागू होंगे।

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मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर में कृषि मंत्री जीतू वाघानी की मौजूदगी में इस निर्णय की घोषणा की। उन्होंने बताया कि देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, कच्छ और जामनगर जिलों को केंद्र सरकार के 'सूखा आकलन नियमावली, 2016' के तहत सभी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद सूखाग्रस्त घोषित किया गया है।

किसानों और ग्रामीणों के लिए राहत

राहत पैकेज के तहत, इन चार जिलों में जिन किसानों की फसल को नुकसान हुआ है, उन्हें राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) के मानदंडों के अनुसार प्रति हेक्टेयर 8,500 रुपए की सहायता दी जाएगी। यह सहायता अधिकतम दो हेक्टेयर तक के लिए मिलेगी। इसके अलावा, ग्रामीण निवासियों को सहारा देने के लिए सूखा प्रभावित तालुकों में 'विकसित भारत - रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) की गारंटी' (VB-जीरामजी) योजना के तहत 100 की जगह 150 दिनों का रोजगार सुनिश्चित किया जाएगा।

पशुपालकों के लिए चारे और शिविरों की व्यवस्था

पशुपालकों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने चारे की उपलब्धता पर भी जोर दिया है। अब तक 1.21 करोड़ किलोग्राम चारा 2 रुपए प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर बांटा जा चुका है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने स्थिति का पहले ही अनुमान लगा लिया था और अग्रिम तैयारी शुरू कर दी थी। वर्तमान में राज्य के पास तीन करोड़ किलोग्राम चारे का स्टॉक है और अतिरिक्त खरीद की प्रक्रिया भी जारी है। सूखाग्रस्त तालुकों के पशु शिविरों में रखे गए मवेशियों के लिए सरकार दो महीने तक SDRF से प्रति पशु प्रतिदिन 80 रुपए की सहायता देगी, जिसके बाद का खर्च राज्य सरकार उठाएगी।

पेयजल और सिंचाई की तैयारी

सरकार ने भविष्य की जरूरतों को देखते हुए पेयजल आपूर्ति को प्राथमिकता दी है और आगामी रबी सीजन के लिए सिंचाई की योजना भी तैयार कर ली है। राज्य के 206 प्रमुख बांधों में उनकी कुल क्षमता का 66 प्रतिशत पानी मौजूद है। रबी सीजन के लिए 76 बांधों के कमांड क्षेत्रों में सिंचाई के लिए पानी देने की योजना है। पेयजल के लिए 30 जून, 2027 तक का पानी आरक्षित रखा गया है। मुख्यमंत्री पटेल ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में सरकार ने किसानों और पशुपालकों के हितों को हमेशा प्राथमिकता दी है। हम पूरी संवेदनशीलता के साथ उनके साथ खड़े हैं और भविष्य में भी हरसंभव मदद के लिए प्रतिबद्ध हैं।"

इनपुट: IANS

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News4Social गुजरात डेस्क

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