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इजरायल चुनाव: 73 लाख मतदाता तय करेंगे 120 सीटों वाली संसद का भविष्य, त्रिशंकु विधानसभा के आसार

इजरायल में मंगलवार को होने जा रहे संसदीय चुनावों में लगभग 73 लाख योग्य मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जो देश की 120 सदस्यीय संसद (कनेसेट) के लिए प्रतिनिधियों का चुनाव करेंगे। समाचार एजेंसी…

इजरायल चुनाव: 73 लाख मतदाता तय करेंगे 120 सीटों वाली संसद का भविष्य, त्रिशंकु विधानसभा के आसार
(फोटो: IANS)

इजरायल में मंगलवार को होने जा रहे संसदीय चुनावों में लगभग 73 लाख योग्य मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जो देश की 120 सदस्यीय संसद (कनेसेट) के लिए प्रतिनिधियों का चुनाव करेंगे। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, मौजूदा जनमत सर्वेक्षण किसी भी राजनीतिक दल या गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिलने का संकेत नहीं दे रहे हैं, जिससे देश एक बार फिर राजनीतिक अनिश्चितता के दौर में जा सकता है।

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भारत में इजरायल दूतावास की प्रवक्ता मिशेल सिरोटा ने इन चुनावों को देश के 'जीवंत लोकतंत्र' का एक उदाहरण बताया। उन्होंने कहा, "हमारे चुनाव 27 अक्टूबर को हो रहे हैं। 73 लाख योग्य मतदाता वोट डाल सकते हैं। हमें उम्मीद है कि बड़ी संख्या में लोग मतदान करेंगे। यह एक बहुत ही जीवंत लोकतंत्र है। लोग इजरायल के भविष्य को लेकर सोचते हैं और यह तय करना चाहते हैं कि आने वाले चार वर्षों में देश की दिशा कैसी होगी।"

सरकार गठन की प्रक्रिया

सिरोटा ने चुनावी प्रक्रिया समझाते हुए बताया कि मतदाता अपनी पसंद की पार्टी को वोट देते हैं और प्राप्त वोटों के अनुपात में पार्टियों को संसद में सीटें आवंटित होती हैं। उन्होंने कहा, "किसी पार्टी को जितनी सीटें मिलती हैं, उसी के आधार पर वह उतने प्रतिनिधि संसद में भेज सकती है, चाहे वे सत्तारूढ़ गठबंधन में हों या विपक्ष में।" चुनाव परिणामों के बाद, इजरायल के राष्ट्रपति यह तय करेंगे कि किस पार्टी को सरकार बनाने के लिए पहले आमंत्रित किया जाएगा। चयनित पार्टी को गठबंधन बनाने के लिए 28 दिनों का समय मिलेगा। यदि वह पार्टी असफल रहती है, तो दूसरी सबसे बड़ी पार्टी को मौका दिया जाएगा। अगर कोई भी दल सरकार बनाने में कामयाब नहीं होता, तो 90 दिनों के भीतर देश में फिर से चुनाव कराए जा सकते हैं।

राजनीतिक परिदृश्य और संभावनाएं

एक वरिष्ठ इजरायली पत्रकार यारोन डेसेल ने IANS को बताया कि मौजूदा सर्वेक्षणों के अनुसार किसी भी पक्ष को साफ बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है। इस स्थिति में कई राजनीतिक विकल्प सामने आ सकते हैं। उन्होंने कहा, "एक संभावना यह है कि फिर से चुनाव कराए जाएं। दूसरी संभावना राष्ट्रीय एकता सरकार की है, जिसमें बड़े दल मिलकर सरकार बनाएं। तीसरा विकल्प यह है कि नेतन्याहू विरोधी दल मिलकर अल्पमत सरकार बनाने की कोशिश करें।" डेसेल के अनुसार, विपक्ष किसी भी तरह से मौजूदा सरकार को बदलना चाहता है।

मतदाताओं की उम्मीदें

इस चुनाव को इजरायल के हालिया इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण चुनावों में से एक माना जा रहा है। आम नागरिकों के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा और राजनीतिक स्थिरता प्रमुख मुद्दे हैं। एक नागरिक ने कहा, "मेरे हिसाब से नतीजे कुछ भी हों, हमें एक साथ रहना होगा। कौन सी सरकार सत्ता में आती है, उससे ज्यादा जरूरी है कि देश एकजुट रहे।" एक अन्य नागरिक के अनुसार, तीन साल के युद्ध के बाद अब सभी शांति चाहते हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा लोगों की सबसे बड़ी चिंता है।

इनपुट: IANS

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News4Social इंटरनेशनल डेस्क

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