टेक्सटाइल सेक्टर को गति: सरकार की PLI स्कीम में 170 आवेदनों को हरी झंडी, जानें क्या है पूरी योजना
भारत के कपड़ा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम के तहत अब तक कुल 170 कंपनियों के आवेदनों को मंजूरी मिल चुकी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सरकार ने…
भारत के कपड़ा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम के तहत अब तक कुल 170 कंपनियों के आवेदनों को मंजूरी मिल चुकी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सरकार ने मंगलवार को यह जानकारी लोकसभा में साझा की। इस योजना का उद्देश्य देश में मैन-मेड फाइबर (MMF) से बने परिधानों, फैब्रिक्स और टेक्निकल टेक्सटाइल्स के उत्पादन को प्रोत्साहित करना है।
कपड़ा राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा ने एक लिखित जवाब में बताया कि इस स्कीम के अंतर्गत कुल 225 उत्पादों को नोटिफाई किया गया है, जो MMF अपैरल, MMF फैब्रिक्स और टेक्निकल टेक्सटाइल्स की श्रेणी में आते हैं।
स्कीम की निगरानी और प्रबंधन
योजना के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत निगरानी तंत्र बनाया गया है। केंद्रीय मंत्री ने बताया, "PLI स्कीम की नियमित निगरानी और समीक्षा मंत्रालय और 'डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड' (डीपीआईआईटी) के स्तर पर की जाती है।" डीपीआईआईटी सभी पीएलआई योजनाओं के लिए नोडल विभाग है। इसके अलावा, जमीनी स्तर पर जांच के लिए एक 'प्रोजेक्ट मैनेजमेंट एजेंसी' (PMA) को भी नियुक्त किया गया है और सभी आंकड़ों के प्रबंधन के लिए एक विशेष पीएलआई पोर्टल भी बनाया गया है।
स्टार्टअप्स को भी बढ़ावा
सरकार सिर्फ बड़ी कंपनियों पर ही नहीं, बल्कि नए इनोवेटर्स पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। नेशनल टेक्निकल टेक्सटाइल्स मिशन (NTTM) के तहत "ग्रेट (GREAT)" नाम की एक विशेष योजना चलाई जा रही है, जिसका पूरा नाम 'टेक्निकल टेक्सटाइल्स में नए इनोवेटर्स के लिए रिसर्च और एंटरप्रेन्योरशिप के लिए ग्रांट' है। इसका लक्ष्य युवा इनोवेटर्स, वैज्ञानिकों और स्टार्टअप्स को उनके आइडिया को व्यावसायिक उत्पादों में बदलने में मदद करना है।
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए एनटीटीएम को कुल 256 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है, जिसमें स्टार्टअप्स को दी जाने वाली ग्रांट भी शामिल है। अब तक इस मिशन के तहत 15.40 करोड़ रुपये की लागत वाले 31 स्टार्टअप्स को मंजूरी दी जा चुकी है, जिसमें से 13.65 करोड़ रुपये केंद्र सरकार का हिस्सा है।
हथकरघा बुनकरों को भी मिला लाभ
एक अन्य सवाल के जवाब में मार्गेरिटा ने बताया कि नेशनल हैंडलूम डेवलपमेंट प्रोग्राम (NHDP) के तहत तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले के 343 हथकरघा बुनकरों को भी फायदा पहुँचाया गया है। 2023-24 और 2024-25 के दौरान इन बुनकरों के लिए 78.31 लाख रुपये की राशि जारी की गई है।
इनपुट: IANS



