भारत-अफगानिस्तान संबंधों पर पाकिस्तान की टिप्पणी उसकी 'हताशा का प्रमाण': विदेश मंत्रालय
भारत ने अफगानिस्तान के साथ अपने रिश्तों पर पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता की हालिया विवादित टिप्पणी को खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने इसे पाकिस्तान सरकार की "असुरक्षा और हताशा" का प्रमाण बताया है…
भारत ने अफगानिस्तान के साथ अपने रिश्तों पर पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता की हालिया विवादित टिप्पणी को खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने इसे पाकिस्तान सरकार की "असुरक्षा और हताशा" का प्रमाण बताया है। यह प्रतिक्रिया तब आई जब पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने भारत और तालिबान के संबंधों को "मालिक और गुलाम" जैसा बताया था।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मुद्दे पर जवाब दिया। उन्होंने कहा, "पाकिस्तानी प्रवक्ता की टिप्पणी भारत-अफगानिस्तान के सकारात्मक रिश्तों को लेकर पाकिस्तानी सरकार की असुरक्षा और हताशा को दिखाती है।"
पाकिस्तान ने क्या कहा था?
दरअसल, हाल ही में रावलपिंडी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ ने भारत और अफगानिस्तान के बीच बढ़ते संबंधों पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने धार्मिक आयतों का हवाला देते हुए भड़काऊ बयान दिए और तालिबान सरकार पर भारत के इशारों पर काम करने का आरोप लगाया।
उनकी नाराज़गी अफगानिस्तान के एक मंत्री के उस बयान पर थी जिसमें भारत और अफगान लोगों के डीएनए को एक जैसा बताया गया था। इस पर लेफ्टिनेंट जनरल शरीफ ने कुरान की एक आयत का ज़िक्र करते हुए कहा, "हम शुक्रगुजार हैं कि उन्होंने (अफगान) यह बात मान ली। मैं आम अफगान लोगों की नहीं तालिबान सरकार की बात कर रहा हूं। आम अफगान जनता इस सरकार के जुल्म से परेशान है इसलिए दोनों का डीएनए एक जैसा नहीं हो सकता।"
किस बयान से भड़का पाकिस्तान?
पिछले कुछ महीनों में भारत और अफगानिस्तान के रिश्तों में काफी सहजता आई है। इसी क्रम में हाल ही में अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के कृषि मंत्री मौलवी अताउल्लाह उमरी ने भारत का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने दोनों देशों के पुराने सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों का हवाला देते हुए कहा था कि भारत और अफगानिस्तान के लोगों का डीएनए एक ही है। पाकिस्तान इसी बयान के बाद से भड़का हुआ है।
इनपुट: IANS



