होर्मुज जलडमरूमध्य विवाद: रास्ता बदलने पर ईरान ने अमेरिकी युद्धपोतों को दी सीधी चेतावनी
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है, जिसकी धुरी होर्मुज जलडमरूमध्य है। ईरान ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी युद्धपोत खाड़ी में निर्धारित शिपिंग कॉरिडोर से हटने या नौसैनिक…
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है, जिसकी धुरी होर्मुज जलडमरूमध्य है। ईरान ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी युद्धपोत खाड़ी में निर्धारित शिपिंग कॉरिडोर से हटने या नौसैनिक नाकेबंदी करने का प्रयास करते हैं, तो उन्हें निशाना बनाया जाएगा। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, यह कड़ी चेतावनी ईरान के सर्वोच्च नेता के एक वरिष्ठ सलाहकार की ओर से आई है।
वरिष्ठ सलाहकार मोहसेन रेजाई ने सोमवार को सरकारी मीडिया से बातचीत में कहा, “हम कोई दूसरा कॉरिडोर नहीं खुलने देंगे। अगर वे (अमेरिका) युद्धपोत भी तैनात करते हैं, तो भी हम उन्हें निशाना बनाएंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि अगर अमेरिका ने नौसैनिक नाकेबंदी जारी रखी तो ईरान अमेरिकी जहाजों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने से नहीं हिचकेगा। रेजाई ने कहा, “अमेरिका के जहाजों और बेस को निश्चित रूप से गंभीर खतरा होगा। हम बैठकर अमेरिका को नौसेना की नाकेबंदी जारी रखते हुए नहीं देखेंगे।”
बातचीत की कोशिशें और ईरान का रुख
यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को अगले एक-दो दिन में बातचीत शुरू होने की उम्मीद जताई थी। उन्होंने यह भी कहा था कि ईरान के लिए यह समझौता करने का आखिरी मौका हो सकता है। हालांकि, ईरान ने अमेरिका के साथ तत्काल किसी भी नई बातचीत से इनकार कर दिया है।
ईरान का कहना है कि वह फिलहाल सिर्फ ओमान के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य से शिपिंग के लिए एक अस्थायी रास्ते पर समझौता करने की दिशा में काम कर रहा है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने प्रवक्ता इस्माइल बाघेई के हवाले से बताया कि इस व्यवस्था का उद्देश्य कई अलग-अलग लेनों की जगह एक सिंगल कॉरिडोर बनाना है। इस कॉरिडोर को दोनों तटीय देशों (ईरान और ओमान) के हितों और सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जाएगा। हालांकि, ओमान के विदेश मंत्रालय ने इस मामले पर अब तक कोई टिप्पणी नहीं की है।
इनपुट: IANS



