उदयनिधि स्टालिन: सनातन धर्म से लेकर तृषा विवाद तक, इन बयानों ने मचाया सियासी बवाल
तमिलनाडु के डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन एक बार फिर अपने एक बयान को लेकर विवादों में हैं, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार भी किया गया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अभिनेत्री तृषा से जुड़ी एक कथित आपत्तिजनक…
तमिलनाडु के डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन एक बार फिर अपने एक बयान को लेकर विवादों में हैं, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार भी किया गया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अभिनेत्री तृषा से जुड़ी एक कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले ने उनके पुराने विवादित बयानों की श्रृंखला को फिर से सुर्खियों में ला दिया है। यह पहली बार नहीं है जब वह सनातन धर्म, वी.के. शशिकला या राज्य गीत जैसे मुद्दों पर अपनी टिप्पणियों के कारण राजनीतिक और कानूनी बहसों के केंद्र में आए हैं।
ताज़ा विवाद और गिरफ्तारी
मौजूदा विवाद तंजावुर में कावेरी जल विवाद पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान शुरू हुआ। जब उदयनिधि मुख्यमंत्री विजय पर निशाना साध रहे थे, तभी भीड़ में से कुछ समर्थकों ने अभिनेत्री तृषा का नाम लेकर नारे लगाए, जिन्होंने विजय के साथ कई फिल्मों में काम किया है। बताया गया है कि इन नारों पर उदयनिधि ने मंच से जो प्रतिक्रिया दी, वह विवाद का कारण बन गई। सत्तारूढ़ दल तमिझागा वेत्री कड़गम (टीवीके) ने इसे महिलाओं का अपमान बताया, जबकि भाजपा ने उनकी गिरफ्तारी की मांग की। चेन्नई में उनके आवास के बाहर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। हालांकि, उदयनिधि ने कहा है कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया और वे कानूनी प्रक्रिया का सामना करने के लिए तैयार हैं।
सनातन धर्म पर सबसे चर्चित टिप्पणी
उदयनिधि स्टालिन का सबसे बड़ा विवाद सितंबर 2023 में 'सनातन उन्मूलन सम्मेलन' में दिए गए बयान से जुड़ा है। उन्होंने कहा था कि सनातन धर्म का सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि उसे खत्म कर देना चाहिए। उन्होंने इसकी तुलना मच्छर, डेंगू, मलेरिया और कोरोना जैसी बीमारियों से करते हुए कहा था कि जैसे इन्हें खत्म किया जाता है, वैसे ही सनातन धर्म को भी समाप्त करना ज़रूरी है। इस बयान के बाद पूरे देश में राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया। भाजपा समेत कई संगठनों ने इसे हिंदू धर्म का अपमान बताया और उनके खिलाफ कई राज्यों में एफआईआर दर्ज कराई गईं। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जिसने उनकी टिप्पणी पर नाराजगी जताई। बाद में 2024 में उदयनिधि ने माफी मांगने से इनकार करते हुए कहा कि उनके बयान का गलत मतलब निकाला गया।
अन्य प्रमुख विवादित बयान
वी.के. शशिकला पर टिप्पणी: 2021 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान उदयनिधि ने तत्कालीन मुख्यमंत्री ई. पलानीस्वामी पर हमला बोलते हुए कहा था कि उन्हें सत्ता बचाने के लिए वी.के. शशिकला की "चप्पलें तक पकड़नी पड़ीं।" इस बयान को एक वरिष्ठ महिला नेता का अपमान बताते हुए विपक्षी दलों और महिला संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई थी।
राज्य गीत का मुद्दा: इसी साल वह एक और विवाद में फंसे जब उन्होंने तमिलनाडु के राज्य गीत को "वंदे मातरम्" के बाद बजाए जाने पर आपत्ति जताई। डीएमके ने इसे अपनी द्रविड़ विचारधारा के अनुरूप बताया, तो वहीं विपक्षी दलों ने इसे राष्ट्रविरोधी और विभाजनकारी सोच करार दिया।
इनपुट: IANS



