जयपुर: Zepto के 'डार्क स्टोर' में बड़ी कार्रवाई, 1500 से ज़्यादा डेयरी पैकेट और एक्सपायर्ड सामान नष्ट
जयपुर में ऑनलाइन ग्रोसरी डिलीवरी प्लेटफॉर्म जेप्टो (Zepto) के एक 'डार्क स्टोर' पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों को यहां स्टोर में…
जयपुर में ऑनलाइन ग्रोसरी डिलीवरी प्लेटफॉर्म जेप्टो (Zepto) के एक 'डार्क स्टोर' पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों को यहां स्टोर में स्वच्छता और खाद्य उत्पादों के रखरखाव में गंभीर खामियां मिलीं, जिसके बाद 1500 से ज़्यादा डेयरी पैकेट और अन्य एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थों को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।
यह औचक निरीक्षण गुरुवार को राजस्थान सरकार के 'शुद्ध आहार, मिलावट पर वार' अभियान के तहत किया गया। खाद्य सुरक्षा और औषधि नियंत्रण विभाग की एक केंद्रीय टीम ने जगतपुरा के रामनगरिया विस्तार स्थित जेडीएस मार्केटिंग द्वारा संचालित इस गोदाम पर छापा मारा। अधिकारियों ने पाया कि यहां से रोज़ाना लगभग 500 ऑर्डर डिलीवर किए जाते थे।
तापमान और स्वच्छता में भारी लापरवाही
निरीक्षण के दौरान सबसे बड़ी गड़बड़ी डेयरी उत्पादों के भंडारण में पाई गई। कोल्ड रूम और डीप फ्रीजर का तापमान 6 से 14 डिग्री सेल्सियस के बीच था, जो दूध, दही जैसे उत्पादों को सुरक्षित रखने के लिए अपर्याप्त है। इस लापरवाही के कारण, टीम ने सरस और अमूल जैसे ब्रांडों के दूध, दही और छाछ के करीब 1,550 पैकेट मौके पर ही नष्ट कर दिए।
इसके अलावा, स्टोर में करीब 100 किलोग्राम खराब खाद्य सामग्री मिली, जिस पर नियमानुसार 'बिक्री के लिए नहीं' का निशान भी नहीं लगा था। टीम को बिक्री के लिए रखे सामान के बीच म्यूसली, कैंडी और भुजिया समेत लगभग 7 किलोग्राम एक्सपायर्ड उत्पाद भी मिले। इन सभी को जब्त कर तुरंत नष्ट कर दिया गया।
स्टोर में गंदगी और टूटे रैक
विभाग की टीम को गोदाम में स्वच्छता की स्थिति भी बेहद खराब मिली। दीवारों पर गंदगी और पान-मसाले के थूक के निशान थे। खाद्य सामग्री रखने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे लोहे के कई रैक टूटे हुए, गंदे और जंग लगे पाए गए।
मौके पर मौजूद संयुक्त आयुक्त विजय प्रकाश शर्मा ने स्टोर ऑपरेटर को नोटिस जारी कर तत्काल सुधार के निर्देश दिए हैं। विभाग ने स्टोर मैनेजर कैलाश चंद मीणा की उपस्थिति में पिंटोला पीनट बटर और शहद के सैंपल भी लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए राजकीय केंद्रीय खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट में मिलावट या मानक पूरे न होने पर खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत फर्म पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इनपुट: IANS



