बुधवार, 8 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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जानियें, हाईकोर्ट ने क्यों लगाई सरकार को फटकार?

हाल ही में देश भर में जीएसटी लागू हुआ। जहाँ एक तरफ सरकरा के इसके फायदे गिनाती नहीं थक रही है, वहीं व्यापारियों को इससे बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

जानियें, हाईकोर्ट ने क्यों लगाई सरकार को फटकार?
हाल ही में देश भर में जीएसटी लागू हुआ। जहाँ एक तरफ सरकरा के इसके फायदे गिनाती नहीं थक रही है, वहीं व्यापारियों को इससे बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जब परेशानियों से निजात पान का कोई रास्ता नहीं बचा तो व्यापारियों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटा ही दिया। व्यापारियों की समस्या को मद्देनजर रखते हुए कोर्ट ने सरकार फटकार लगाई। आइये जानते है कि इस मुद्दे पर क्या कहा कोर्ट ने। जीएसटी को लेकर व्यापारियों की समस्याएं आखिरकार इलाहाबाद हाईकोर्ट तक पहुंच ही गई हैं। हाईकोर्ट ने मामलें को गंभीरता से लिया। हाईकोर्ट ने इसे लेकर दाखिल पहली याचिका पर केंद्र व राज्य सरकार से यह जानकारी मांगी है कि व्यापारियों को जीएसटी के रजिस्ट्रेशन आदि में समस्याएं क्यों आ रही हैं?आपको बता दें कि यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज मित्तल एवं न्यायमूर्ति उमेश चंद्र त्रिपाठी की खंडपीठ ने मार्डन पाइप एंड इंडस्ट्रीज इलाहाबाद की याचिका पर उनके अधिवक्ता पीयूष अग्रवाल को सुनकर दिया है। साथ ही मामलें पर सुनवाई के लिए 23 अगस्त की तारीख लगा दी है। हाईकोर्ट के वकील पीयूष अग्रवाल ने कोर्ट को बताया कि जीएसटी लागू तो कर दिया गया लेकिन लचर व्यवस्था की वजह से व्यवहारिक रूप से इसके तहत कार्य करने में व्यापारियों को तमाम परेशानियां आ रही हैं। एक उदाहरण को लेकर वकील ने अपनी दलीलें पेश करते हुए कहा कि मार्डन पाइप एंड इंडस्ट्रीज पार्टनरशिप में चल रही थी, जिसे एकल कर दिया गया। साथ ही वकील ने यह भी कहा कि विभाग की इस गलती के अमेंडमेंट का प्रावधान है, लेकिन याची इंडस्ट्रीज के मामलें में संशोधन नहीं हो पा रहा है, क्योंकि पोर्टल बंद चल रहा है। इसी तरह रजिस्ट्रेशन में भी दिक्कत आ रही है। साथ ही वकील ने यह भी कहा कि भले ही टैक्स जमा करने की तारीख 20 से बढ़ाकर 25 अगस्त की गई है, लेकिन अमेंडमेंट और रजिस्ट्रेशन न हो पाने के कारण विभाग की गलती का खामियाजा याची इंडस्ट्रीज को भुगतना पड़ सकता है,जो न्यायोचित नहीं है। वकील की इस दलील पर कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से 23 अगस्त तक जानकारी देने को कहा है। बहरहाल, इलाहाबाद हाई कोर्ट के इस फैसलें पर सरकार कब तक जानकारी देती है, यह तो खैर वक्त ही बताएगा। लेकिन सरकार को चाहिए कि जल्द से जल्द इस समस्या का निवारण करें ताकि काम सुचारू रूप से चल सकें।
विषयभाजपा
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Shreya

श्रेया News4Social की संवाददाता हैं। वे उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर की खबरों को कवर करती हैं, और स्थानीय मुद्दों को तथ्यपरक ढंग से सामने लाने पर ज़ोर देती हैं। सभी लेख देखें →

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