हुगली: तृणमूल नेता दिलीप राम हत्याकांड में 7 दोषियों को उम्रकैद, मुख्य साजिशकर्ता अब भी फरार
पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में सात साल पहले हुई तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेता दिलीप राम की हत्या के मामले में एक जिला अदालत ने सात लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार…
पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में सात साल पहले हुई तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेता दिलीप राम की हत्या के मामले में एक जिला अदालत ने सात लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, चिनसुराह की सेशंस कोर्ट ने बुधवार को यह फैसला सुनाया, जबकि एक दिन पहले मंगलवार को इन सभी को हत्या का दोषी ठहराया गया था।
यह मामला 29 जून, 2019 का है, जब तृणमूल नेता दिलीप राम की बांडेल रेलवे स्टेशन के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जांच में सामने आया था कि यह हत्या जमीन के विवाद का नतीजा थी और इसके लिए कॉन्ट्रैक्ट किलर्स को सुपारी दी गई थी।
साजिश और हत्याकांड का पूरा मामला
जांच के मुताबिक, दिलीप राम का स्थानीय ड्रग माफिया समुंद्री यादव उर्फ शकुंतला देवी से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। शकुंतला ने दिलीप को रास्ते से हटाने के लिए हत्यारों को 3 लाख रुपये की सुपारी दी थी। ये हत्यारे नैहाटी लोकल ट्रेन पर नजर रखने के लिए हर दिन बांडेल स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर मौजूद रहते थे, क्योंकि दिलीप नैहाटी में रेलवे कार्यालय में काम करते थे।
सरकारी वकील शंकर गंगोपाध्याय ने अदालत को बताया कि 29 जून, 2019 को जब दिलीप राम ट्रेन में चढ़ रहे थे, तभी उन्हें रेलवे ट्रैक पर गोली मार दी गई। उन्होंने यह भी बताया कि दिलीप के सिर से मिली गोली का मिलान दोषियों से बरामद हथियार से हो गया था, जिससे अपराध साबित करने में मदद मिली।
सजा और आगे की कार्रवाई
अदालत ने जिन सात दोषियों को उम्रकैद की सजा दी है, उनके नाम मोहम्मद नसीम उर्फ गुड्डू, सद्दाम हुसैन, मंगल यादव, बैजनाथ रॉय उर्फ हेदेक, मोहम्मद अकबर, मोहम्मद शानू और मोहम्मद मानू हैं। सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
इस मामले की मुख्य आरोपी शकुंतला देवी और उसका बेटा अभी भी फरार हैं। वकील के मुताबिक, पुलिस ने दोनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है और उनकी गिरफ्तारी होते ही उन पर मुकदमा शुरू हो जाएगा। फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए दिलीप राम की पत्नी नीतू ने कहा, "अगर इन सात दोषियों को मौत की सजा होती तो मुझे ज्यादा खुशी होती। हालांकि, मैं पुलिस जांच और सरकारी वकील के काम से खुश हूं।"
इनपुट: IANS



