चमकी बुखार से बेफिक्र बिहार के स्वास्थ्य मंत्री पूछ रहे हैं….कितना विकेट गिरा?

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पिछले तकरीबन कई दिनों से बिहार के मुज्जफरपुर में चमकी बुखार के प्रकोप से लगभग 100 से अधिक बच्चों की मौत हो चुकी है. इन मौतों को लेकर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री कितने गंभीर हैं, इस बात को समझने के लिए बस उस प्रेस कांफ्रेंस की एक फुटेज काफी है, जहाँ पर ये मंत्री जी भारत-पाकिस्तान मैच में कितना विकेट गिरा ये पूछते हुए नजर आ रहे है.

इसके पहले भी केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन के साथ प्रेस कांफ्रेंस में बैठे राज्यमंत्री अश्वनी कुमार चौबे झपकी लेते हुए नजर आ रहे थे. क्या ऐसे दुखद और दर्दनाक घटनाओं से इन मंत्री जी की नींद नहीं उड़ जाने चाहिए? ये बेहद दुखद है कि बिहार राज्य के स्वास्थ्य मंत्री को इतनी मौतें हो जाने के बाद भी विकेट की पड़ी हुई है.

अब अगर बिहार राज्य की बात करें तो यहाँ पर तकरीबन 15 साल से नीतीश कुमार का ही राज्य है, और राज्य की हालत सुधारने में इनका बहुत बड़ा योगदान रहा है, लेकिन क्या स्वास्थ्य के मसले पर अब तक नीतीश जी ने सच-मुच कोई भी खबर नही ली है? कोई काम नही किया है?

ये सवाल बेहद अहम है, और राजनीति से बेहद दूर भी. राजनीति से बेहद दूर इसलिए चूँकि हम आजादी के 70 बरस से ज्यादा बिता चुके हैं, और आज भी हम अपने बच्चों की मौतों को अपनी नम आँखों से देखने के अलावा और कुछ भी नहीं कर सकते हैं.

ख़बरें ऐसे भी आ रही हैं कि दवाइयों की भी कमी है और बेड की भी. वैसे भी ये सरकारी आंकड़े हैं जिसमे तकरीबन 100 बच्चों के मरने की खबर आ रही है. अब प्राइवेट अस्पताल में भर्ती बच्चो की क्या हालत है इस बात का कोई अंदाजा नही लगाया जा सकता है. 

अभी गोरखपुर में हुई बच्चों की मौतों को भी बहुत दिन नहीं हुए हैं, लेकिन न ही किसी राज्य सरकार को इससे सीख मिली और न ही लेने की कोशिश की गयी. अब तो सरकारों को नौनिहालों के स्वास्थ्य को लेकर चेतना चाहिए न.