एयरपोर्ट्स की साइबर सुरक्षा अब और मज़बूत: CISF और IIT रोपड़ की नई साझेदारी
देश के हवाई अड्डों को साइबर हमलों से सुरक्षित रखने की दिशा में एक अहम पहल हुई है। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), जो इन हवाई अड्डों की सुरक्षा का ज़िम्मा संभालता है, ने अब तकनीकी विशेषज्ञता के…
देश के हवाई अड्डों को साइबर हमलों से सुरक्षित रखने की दिशा में एक अहम पहल हुई है। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), जो इन हवाई अड्डों की सुरक्षा का ज़िम्मा संभालता है, ने अब तकनीकी विशेषज्ञता के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रोपड़ के साथ हाथ मिलाया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों संस्थानों के बीच 7 अगस्त को एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए गए, जिसका मकसद एक विशेष 'साइबर सुरक्षा कैडर' तैयार करना है।
इस साझेदारी के तहत CISF के जवानों को साइबर सुरक्षा की बारीकियों में माहिर बनाने के लिए छह सप्ताह का एक विशेष आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। हवाई अड्डे देश के बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों में गिने जाते हैं, जहाँ किसी भी तरह का साइबर हमला सुरक्षा, संचालन और अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर डाल सकता है। इसी खतरे को ध्यान में रखते हुए CISF महानिदेशक प्रवीर रंजन के नेतृत्व में यह विशेष टीम बनाई जा रही है।
ट्रेनिंग में क्या होगा खास?
IIT रोपड़ का एससीएएलई (SCALE) फाउंडेशन CISF के जवानों के लिए यह ट्रेनिंग कार्यक्रम पूरी तरह से निःशुल्क आयोजित करेगा। इस ट्रेनिंग का मकसद सिर्फ किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि जवानों को वास्तविक दुनिया की चुनौतियों के लिए तैयार करना भी है। प्रशिक्षण के दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है, जिनमें ये प्रमुख हैं:
- साइबर सुरक्षा के बुनियादी सिद्धांत और महत्वपूर्ण सूचनाओं का ढाँचा
- डिजिटल फोरेंसिक, यानी साइबर अपराध के बाद सबूत जुटाने की प्रक्रिया
- आपदा के बाद रिकवरी और संचालन को जारी रखने की योजना
- नए और उभरते हुए साइबर खतरों की पहचान और उनसे बचाव
- अलग-अलग क्षेत्रों में एक साथ आने वाले संकटों का सामना करने का अभ्यास
यह पहल CISF को तकनीकी रूप से और भी मज़बूत और भविष्य के लिए तैयार करेगी। इस विशेष कैडर के बनने से न केवल हवाई यात्रा की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि यह देश के समग्र साइबर सुरक्षा ढांचे को भी नई ताकत प्रदान करेगा।
इनपुट: IANS



