ग्रीनलैंड में अमेरिकी कंपनी की तेल ड्रिलिंग की तैयारी, बिना मंजूरी उपकरण पहुँचाने पर सरकार ने दी चेतावनी
पर्यावरणीय चिंताओं के कारण ग्रीनलैंड ने 2021 से तेल की खोज के लिए नए लाइसेंस जारी करने पर रोक लगा रखी है, लेकिन अब डोनाल्ड ट्रंप से जुड़े एक अमेरिकी कारोबारी समूह की तेल ड्रिलिंग की तैयारी ने एक नया…
पर्यावरणीय चिंताओं के कारण ग्रीनलैंड ने 2021 से तेल की खोज के लिए नए लाइसेंस जारी करने पर रोक लगा रखी है, लेकिन अब डोनाल्ड ट्रंप से जुड़े एक अमेरिकी कारोबारी समूह की तेल ड्रिलिंग की तैयारी ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, टेक्सास स्थित ग्रीनलैंड एनर्जी नामक कंपनी ने पूर्वी ग्रीनलैंड के जेम्सन लैंड इलाके में ड्रिलिंग के लिए उपकरण पहुँचा दिए हैं, जबकि स्थानीय सरकार का कहना है कि इसके लिए कोई अनुमति नहीं दी गई है।
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण की वकालत कर रहे हैं और इसे अमेरिका की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बता रहे हैं। कंपनी के कुछ निदेशकों के संबंध ट्रंप के राजनीतिक और रणनीतिक हलकों से बताए जाते हैं, जिससे इस व्यावसायिक गतिविधि को लेकर संवेदनशीलता और बढ़ गई है।
सरकार की कड़ी आपत्ति और कंपनी की योजना
ग्रीनलैंड सरकार ने कंपनी की इस एकतरफा कार्रवाई पर कड़ी चेतावनी जारी की है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में किसी भी तरह के उपकरण या सामग्री लाने-ले जाने (लॉजिस्टिक गतिविधि) से पहले खनिज संसाधन प्राधिकरण से मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के एक प्रतिनिधि ने जून में एक सामुदायिक बैठक में यह गलत दावा किया था कि उनके पास उपकरण उतारने की अनुमति है, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने कंटेनर उतरते हुए देखे।
फिलहाल सरकार ने उतारे जा चुके उपकरणों को हटाने की माँग नहीं की है, क्योंकि कंपनी का आवेदन अभी प्रक्रियाधीन है। वहीं, ग्रीनलैंड एनर्जी की योजना 12 सितंबर को कनाडा से लगभग 300 कंटेनर उपकरण लेकर एक जहाज़ रवाना करने और अक्टूबर में कुएं की ड्रिलिंग शुरू करने की है।
आर्थिक लाभ बनाम पर्यावरण संरक्षण
कंपनी का अनुमान है कि जेम्सन लैंड क्षेत्र में लगभग एक लाख करोड़ डॉलर का कच्चा तेल मौजूद हो सकता है। हालांकि, यह परियोजना गंभीर पर्यावरणीय सवालों के घेरे में भी है, क्योंकि प्रस्तावित ड्रिलिंग क्षेत्र रामसर कन्वेंशन के तहत संरक्षित आर्द्रभूमि (wetland) में आता है।
कंपनी के चेयरमैन लैरी स्वेट्स ने इन गतिविधियों का ट्रंप की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं से कोई भी संबंध होने से इनकार किया है और इसे पूरी तरह कारोबारी मामला बताया है। डेनमार्क के इस स्वायत्त क्षेत्र के लिए यह फैसला एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि यह न केवल आर्थिक लाभ और पर्यावरण के बीच संतुलन का सवाल है, बल्कि यह ग्रीनलैंड के अपने प्राकृतिक संसाधनों पर नियंत्रण की भी एक परीक्षा है।
इनपुट: IANS



