तकनीकी दुनिया में AI का बढ़ता असर: 2026 में 1.63 लाख नौकरियां गईं, आधे से ज़्यादा छंटनी AI से जुड़ी
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती भूमिका वैश्विक तकनीकी उद्योग में नौकरियों के परिदृश्य को तेजी से बदल रही है। एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल यानी 2026 में अब तक दुनिया भर की टेक कंपनियों ने…
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती भूमिका वैश्विक तकनीकी उद्योग में नौकरियों के परिदृश्य को तेजी से बदल रही है। एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल यानी 2026 में अब तक दुनिया भर की टेक कंपनियों ने 1.63 लाख से ज़्यादा कर्मचारियों को नौकरी से निकाला है, और इनमें से आधे से ज़्यादा मामलों में AI को एक बड़ी वजह बताया गया है।
समाचार एजेंसी IANS के हवाले से मिली ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स की इस रिपोर्ट से पता चलता है कि कंपनियां अब ऑटोमेशन और AI तकनीक को अपनाते हुए अपने कामकाज और कर्मचारियों की संरचना में बड़े बदलाव कर रही हैं। कुल 1,63,427 छंटनियों में से 91,215 नौकरियों पर AI का सीधा या परोक्ष प्रभाव पड़ा है।
सबसे ज़्यादा प्रभावित सेक्टर
इस छंटनी का सबसे गहरा असर क्लाउड और सास (SaaS) कंपनियों पर पड़ा, जहाँ 37,492 कर्मचारियों की नौकरी गई। इसके बाद ई-कॉमर्स और मार्केटप्लेस सेक्टर में 22,633, आईटी सेवाओं में 16,756 और सोशल मीडिया कंपनियों में 13,592 लोगों को अपनी नौकरी गंवानी पड़ी। एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर सेक्टर में भी कुल छंटनी का लगभग 8.14 प्रतिशत हिस्सा रहा।
अमेरिका और दुनिया पर असर
रिपोर्ट के अनुसार, एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर क्षेत्र में हुई छंटनी का सबसे बड़ा केंद्र अमेरिका रहा, जहाँ इस सेक्टर की कुल छंटनी का लगभग 88.6% हिस्सा (11,792 नौकरियां) दर्ज किया गया। अकेले अमेरिकी कंपनी सिस्को ने 4,000 कर्मचारियों को निकाला, जबकि एमडॉक्स ने 2,900 और ऑटोडेस्क ने 1,000 कर्मचारियों की छंटनी की।
एशिया और मध्य-पूर्व में भी इसका असर दिखा, जहाँ इज़रायल सबसे ज़्यादा प्रभावित देश रहा। इसके बाद भारत और सिंगापुर का स्थान है। इज़रायल की वर्कप्लेस सॉफ्टवेयर कंपनी मंडे डॉट कॉम ने 22 जुलाई, 2026 को अपने लगभग 20% यानी 620 कर्मचारियों को यह कहते हुए निकाल दिया कि यह उसके AI वर्क प्लेटफॉर्म के अनुरूप एक संगठनात्मक पुनर्गठन का हिस्सा है।
कंपनियों की रणनीति और बाज़ार की प्रतिक्रिया
कुछ कंपनियों ने इस पुनर्गठन को अपनी AI रणनीति से सीधे तौर पर जोड़ा है। सिस्को ने कहा कि छंटनी से जुड़ी लगभग 1 अरब डॉलर की लागत का इस्तेमाल उसकी AI रणनीति को आगे बढ़ाने में किया जाएगा। 2026 में सबसे आक्रामक छंटनी करने वाली कंपनी ओरेकल रही, जिसने जनवरी से अब तक 25,254 कर्मचारियों को निकाला है।
दिलचस्प बात यह है कि निवेशकों ने इन फैसलों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, घोषणा के बाद सिस्को के शेयरों में 17%, मंडे डॉट कॉम में 2.3% और सर्विसनाउ में अगले सप्ताह 9% की तेज़ी देखी गई। ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स की विश्लेषक स्टानिस्लावा सविशेवा ने कहा, "निवेशकों के लिए बड़े पैमाने पर छंटनी अब अनुशासित प्रबंधन का संकेत बन रही है, बशर्ते कंपनी इसे AI रणनीति और भविष्य की दक्षता से जोड़कर पेश करे।"
इनपुट: IANS



