गुरूवार, 6 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
टेक्नोलॉजी

चीन ने गहरे समुद्र में रचा इतिहास: 110 मंजिला विशाल फ्लोटिंग विंड टरबाइन से शुरू हुई बिजली सप्लाई

चीन ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। देश के पहले गहरे समुद्र में तैरने वाले (फ्लोटिंग) पवन ऊर्जा प्लेटफॉर्म ने काम करना शुरू कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, यह…

चीन ने गहरे समुद्र में रचा इतिहास: 110 मंजिला विशाल फ्लोटिंग विंड टरबाइन से शुरू हुई बिजली सप्लाई
(फोटो: IANS)

चीन ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। देश के पहले गहरे समुद्र में तैरने वाले (फ्लोटिंग) पवन ऊर्जा प्लेटफॉर्म ने काम करना शुरू कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, यह प्लेटफॉर्म पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक से डिजाइन और विकसित किया गया है और अब इसने लुफेंग तेल क्षेत्र के पावर ग्रिड को हरित बिजली की आपूर्ति शुरू कर दी है।

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यह विशाल संरचना दक्षिण चीन के पर्ल रिवर माउथ बेसिन में तट से 136 किलोमीटर दूर और 136 मीटर गहरे पानी में स्थापित की गई है। इस प्लेटफॉर्म को बनाने में लगभग 7,800 टन स्टील का इस्तेमाल हुआ है और इसकी कुल ऊंचाई किसी 110 मंजिला इमारत के बराबर है। समुद्र के नीचे बिछाई गई केबलों के माध्यम से इसे तेल क्षेत्र के पावर ग्रिड से जोड़ा गया है।

तकनीकी खूबियां और उत्पादन क्षमता

चाइना नेशनल ऑफशोर ऑयल कॉर्पोरेशन (CNOOC) ने गुरुवार को घोषणा की कि यह 16 मेगावाट क्षमता वाला प्लेटफॉर्म 'टेंशन लेग' तकनीक पर आधारित है। यह तकनीक इसे पारंपरिक सेमी-सबमर्सिबल प्लेटफॉर्म की तुलना में अधिक स्थिरता प्रदान करती है और इसे बनाने में प्रति मेगावाट कम स्टील लगता है। इसके रोटर का घुमाव क्षेत्र लगभग साढ़े सात मानक फुटबॉल मैदानों के बराबर है। इसके चालू होने से हर साल करीब 5.4 करोड़ किलोवाट-घंटे हरित बिजली का उत्पादन होने की उम्मीद है।

तूफान का सामना और भविष्य की राह

इस प्लेटफॉर्म को बेहद चुनौतीपूर्ण समुद्री परिस्थितियों का सामना करने के लिए डिजाइन किया गया है और यह 17 श्रेणी के शक्तिशाली तूफानों को भी झेलने में सक्षम है। इस सफल शुरुआत के साथ, चीन की गहरे समुद्र में फ्लोटिंग विंड पावर तकनीक वैश्विक स्तर पर अग्रणी बन गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि चीन के गहरे समुद्री क्षेत्रों में पवन ऊर्जा की अपार संभावनाएं हैं, और यह तकनीक भविष्य में अपतटीय (ऑफशोर) पवन ऊर्जा उत्पादन का एक प्रमुख स्रोत साबित हो सकती है।

इनपुट: IANS

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