भोपाल: हमीदिया अस्पताल में डॉक्टरों की हड़ताल तेज, ₹30,000 स्टाइपेंड की मांग पर ओपीडी बंद करने का ऐलान
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के हमीदिया अस्पताल में इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल और तेज हो गई है। स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों ने 9 सितंबर 2026 से ओपीडी सेवाएं पूरी तरह बंद…
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के हमीदिया अस्पताल में इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल और तेज हो गई है। स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों ने 9 सितंबर 2026 से ओपीडी सेवाएं पूरी तरह बंद करने की घोषणा की है। डॉक्टरों की मांग है कि उनका मासिक स्टाइपेंड ₹14,336 से बढ़ाकर ₹30,000 किया जाए और इस संबंध में मुख्यमंत्री या उपमुख्यमंत्री खुद आकर घोषणा करें।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इंटर्न डॉक्टरों के समर्थन में जूनियर और सीनियर डॉक्टर भी आ गए हैं, जिससे अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है। प्रदर्शनकारी डॉक्टरों का कहना है कि वे सिर्फ कोरे आश्वासनों पर यकीन नहीं करेंगे और सरकार को इस बार ठोस कदम उठाना होगा।
पुलिस कार्रवाई और मुआवजे की मांग
स्टाइपेंड के अलावा, डॉक्टरों की एक और प्रमुख मांग पिछले दिन हुए पुलिस एक्शन से जुड़ी है। एक इंटर्न डॉक्टर नवीन बिरौलिया ने बताया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उन पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, जिससे कई डॉक्टरों को गंभीर चोटें आईं, जिनमें कान के पर्दे फटना और हाथ में फ्रैक्चर होना शामिल है। प्रदर्शनकारियों ने वीडियो फुटेज के आधार पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की मांग की है। डॉ. तान्या जैन ने इस कार्रवाई को अनुचित बताते हुए कहा कि देश के भविष्य के डॉक्टरों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं होना चाहिए।
सीनियर डॉक्टरों का भी मिला समर्थन
मेडिकल टीचर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. राकेश मालवीय ने बताया कि सभी चिकित्सक और इंटर्न दो दिनों से धरने पर हैं और उन्हें सीनियर डॉक्टरों का भी पूरा समर्थन हासिल है। उनके मुताबिक, इंटर्न छात्र नहीं, बल्कि डॉक्टर होते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ अब तक कोई सार्थक बातचीत नहीं हुई है। जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि जूनियर डॉक्टरों द्वारा ओपीडी बंद करने के बाद सीनियर डॉक्टरों ने सेवाएं संभाली थीं, लेकिन अब वे भी इमरजेंसी को छोड़कर बाकी सभी सेवाएं बंद रखेंगे।
इनपुट: IANS



