गुजरात पिछले चार साल से इस मामले में पिछड़ रहा है, जानें…

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गुजरात राज्य अपनी उद्यमशीलता की भावना के लिए जाना जाता है, जहां व्यवसायी हर पैसा गिनते हैं, विडंबना यह है कि नकदी निकालने के लिए यहाँ पर्याप्त एटीएम नहीं हैं। NITI Aayog द्वारा जारी सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (SDG) इंडिया इंडेक्स 2018 के अनुसार, गुजरात में प्रति लाख जनसंख्या पर 17 एटीएम के साथ राज्य 21 वें स्थान पर है। भारत सरकार का लक्ष्य 1 लाख लोगों पर 51 एटीएम उपलब्ध कराना है।

गोवा एकमात्र भारतीय राज्य है जिसने 51 एटीएम के राष्ट्रीय लक्ष्य को पार कर लिया है। गोवा में एक लाख लोगों पर 65 एटीएम है। एटीएम की उपलब्धता में गुजरात से बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों में सिक्किम, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, लक्षद्वीप, जम्मू और कश्मीर और उत्तराखंड शामिल हैं।

वास्तव में गुजरात में एटीएम की संख्या में चार साल में गिरावट आई है। एसएलबीसी के आंकड़ों के अनुसार मार्च 2015 तक राज्य के कुछ 11,576 एटीएम थे उसके बाद राज्य में मार्च 2019 तक 11,509 एटीएम बच गए हैं।

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एक एटीएम अधिकारी ने कहा कि डिजिटल लेन-देनमें वृद्धि से भी एटीएम की आवश्यकता कम हो गई है।” कम नकदी वाली अर्थव्यवस्था पर बढ़ते फोकस के साथ, डिजिटल लेनदेन भी एटीएम को स्थापित करने के दबाव को कम करने के लिए बढ़ रहे हैं। इसके अलावा भुगतान और मनी ट्रांसफर के विकल्प जैसे कि क्यूआर कोड, भीम-यूपीआई, निजी डिजिटल वॉलेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं, सिस्टम में कम नकदी की आवश्यकता है। यही कारण है कि एटीएम की संख्या में कमी हो रही है।