बिहार में बाढ़ का संकट गहराया, गंगा-कोसी समेत 7 प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर
पटना: बिहार में मानसून की सक्रियता और प्रमुख नदियों के उफान के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य की सात प्रमुख नदियां — गंगा, कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती, पुनपुन और घाघरा — कई स्थानों पर…
पटना: बिहार में मानसून की सक्रियता और प्रमुख नदियों के उफान के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य की सात प्रमुख नदियां — गंगा, कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती, पुनपुन और घाघरा — कई स्थानों पर खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए संकट खड़ा हो गया है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, कुछ नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से लगभग तीन मीटर तक ऊपर पहुंच गया है।
बाढ़ से राज्य के 13 जिलों के 77 प्रखंडों की 438 ग्राम पंचायतें प्रभावित हुई हैं, जिससे करीब 29.13 लाख की आबादी पर असर पड़ा है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के साथ-साथ भोजन और पेयजल जैसी आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध कराई जा रही है।
चिंता बढ़ा रही पुनपुन और बूढ़ी गंडक
जल संसाधन विभाग के मंगलवार सुबह छह बजे के आंकड़ों के मुताबिक, पुनपुन नदी की स्थिति सबसे चिंताजनक है। श्रीपालपुर में इसका जलस्तर 53.55 मीटर दर्ज किया गया, जो 50.60 मीटर के खतरे के निशान से 2.95 मीटर ऊपर है और इसमें बढ़ोतरी जारी है। इसी तरह, खगड़िया में बूढ़ी गंडक भी खतरे के स्तर (36.58 मीटर) से 1.98 मीटर ऊपर 38.56 मीटर पर बह रही है और इसका जलस्तर भी बढ़ रहा है।
गंगा और कोसी का रौद्र रूप
गंगा नदी भी कई जगहों पर उफान पर है। दीघा घाट पर यह खतरे के निशान से 1.09 मीटर, गांधी घाट पर 1.71 मीटर और हाथीदह में 1.65 मीटर ऊपर बह रही है, हालांकि इन स्थानों पर जलस्तर में गिरावट का रुख है। वहीं, मुंगेर, भागलपुर और कहलगांव जैसे निचले इलाकों में गंगा का जलस्तर क्रमशः 0.75 मीटर, 0.92 मीटर और 1.68 मीटर ऊपर है। कोसी नदी भी बलतारा में 1.30 मीटर और कुरसेला में 1.40 मीटर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है और दोनों जगहों पर जलस्तर बढ़ रहा है।
अन्य नदियों का हाल और प्रशासनिक तैयारी
इनके अलावा गंडक, बागमती और घाघरा नदियां भी विभिन्न स्थानों पर खतरे के स्तर से ऊपर हैं। हालांकि, जल संसाधन विभाग के अनुसार, प्रमुख बैराजों से पानी के डिस्चार्ज में फिलहाल गिरावट देखी जा रही है। बीरपुर बैराज से कोसी का डिस्चार्ज 1,77,880 क्यूसेक, वाल्मीकिनगर से गंडक का 1,04,400 क्यूसेक और इंद्रपुरी बैराज से सोन नदी का 1,02,574 क्यूसेक दर्ज किया गया। अधिकारी लगातार तटबंधों और नदियों के जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं, खासकर उन इलाकों में जहां नदियां उफान पर हैं।
इनपुट: IANS



