गणेशोत्सव 2026: कोंकण जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत, महाराष्ट्र सरकार ने की टोल टैक्स माफी की घोषणा
महाराष्ट्र में गणेशोत्सव की तैयारियों के बीच, कोंकण क्षेत्र में अपने पैतृक गांवों की ओर जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। राज्य सरकार ने गणेशोत्सव के दौरान कोंकण जाने वाले…
महाराष्ट्र में गणेशोत्सव की तैयारियों के बीच, कोंकण क्षेत्र में अपने पैतृक गांवों की ओर जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। राज्य सरकार ने गणेशोत्सव के दौरान कोंकण जाने वाले वाहनों के लिए टोल टैक्स पूरी तरह माफ करने का फैसला किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह छूट 11 सितंबर 2026 से 27 सितंबर 2026 तक लागू रहेगी, ताकि त्योहार के लिए यात्रा करने वाले भक्तों को आर्थिक राहत मिल सके और उनकी यात्रा सुगम हो।
यह निर्णय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश और लोक निर्माण मंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोंसले के मार्गदर्शन में लिया गया है। लोक निर्माण विभाग ने 8 सितंबर 2026 को इस संबंध में एक आधिकारिक परिपत्र जारी किया। लोक निर्माण मंत्री भोंसले ने कहा, "गणेशोत्सव हर व्यक्ति की भावनाओं से जुड़ा त्योहार है। अपने प्रिय गणराय के स्वागत के लिए कोंकण जाने वाले भक्तों की यात्रा सुरक्षित, सुगम और आनंददायक हो, इसके लिए सरकार ने टोलमाफी का निर्णय लिया है।"
किन मार्गों पर और कैसे मिलेगी छूट?
यह टोल माफी मुंबई-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-48), मुंबई-गोवा राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-66) और कोंकण की ओर जाने वाले लोक निर्माण विभाग तथा महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल (MSRDC) के तहत आने वाले सभी संबंधित मार्गों पर लागू होगी। इसके अतिरिक्त, नगर विकास विभाग के अधीन आने वाले अटल बिहारी वाजपेयी शिवडी-न्हावा शेवा अटल सेतु से गुजरने वाले वाहनों को भी इस छूट का लाभ मिलेगा।
सुविधा का लाभ उठाने के लिए, ‘गणेशोत्सव 2026 - कोंकण दर्शन’ लिखे हुए विशेष स्टिकर या पास जारी किए जाएंगे। इन पास पर वाहन का नंबर और चालक का नाम दर्ज होगा। ये पास परिवहन विभाग, यातायात पुलिस और RTO कार्यालयों के सहयोग से प्रमुख स्थानों पर उपलब्ध कराए जाएंगे। खास बात यह है कि यही पास वापसी की यात्रा के लिए भी मान्य होगा, जिससे भक्तों को लौटते समय भी टोल नहीं देना पड़ेगा।
निजी वाहनों के साथ ST बसों को भी राहत
यह फैसला सिर्फ निजी वाहनों तक ही सीमित नहीं है। राज्य परिवहन (ST) की बसों को भी इस योजना में शामिल किया गया है, जिससे सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने वाले हजारों यात्रियों को भी इसका सीधा फायदा मिलेगा। टोल माफी को प्रभावी ढंग से लागू करने और टोल नाकों पर जाम की स्थिति से बचने के लिए पुलिस, यातायात पुलिस, आरटीओ और एमएसआरटीसी को आपसी समन्वय से काम करने का निर्देश दिया गया है।
इनपुट: IANS



