दिल्ली में गूंजी गढ़चिरौली की आदिवासी कला, आत्मसमर्पित माओवादियों ने रेला नृत्य से जीता दिल
महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में कभी हिंसा का रास्ता अपनाने वाले आत्मसमर्पित माओवादियों ने अब कला और संस्कृति का मंच चुना है। दिल्ली में आयोजित एक राष्ट्रीय उत्सव में इन सदस्यों ने स्थानीय युवाओं के…
महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में कभी हिंसा का रास्ता अपनाने वाले आत्मसमर्पित माओवादियों ने अब कला और संस्कृति का मंच चुना है। दिल्ली में आयोजित एक राष्ट्रीय उत्सव में इन सदस्यों ने स्थानीय युवाओं के साथ मिलकर अपनी आदिवासी संस्कृति की मनमोहक झलक पेश की। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, यह गढ़चिरौली पुलिस के 'प्रोजेक्ट उड़ान' का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य युवाओं और मुख्यधारा में लौट रहे लोगों को नए अवसर देना है।
4 और 5 सितंबर को दिल्ली में हुए 9वें नॉर्थ-ईस्ट स्टूडेंट फेस्टिवल में गढ़चिरौली से कुल 18 प्रतिभागियों के एक दल ने हिस्सा लिया। इस दल में 4 आत्मसमर्पित माओवादी सदस्य और अनुप डांस ग्रुप के 14 युवा कलाकार शामिल थे। उन्होंने पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ गढ़चिरौली की खास पहचान 'रेला नृत्य' का प्रदर्शन कर महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व किया, जिसे दर्शकों से भरपूर सराहना मिली।
पुलिस की पुनर्वास पहल
यह कार्यक्रम गढ़चिरौली के पुलिस अधीक्षक एम. रमेश के मार्गदर्शन में संभव हुआ। गढ़चिरौली पुलिस लगातार माओवादी विचारधारा छोड़ चुके लोगों को समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए प्रयासरत है। इसके लिए उन्हें शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, खेलकूद और सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है।
इस पुनर्वास प्रक्रिया के तहत यह पहली बार था जब आत्मसमर्पित माओवादी सदस्यों को किसी राष्ट्रीय स्तर के महोत्सव में भाग लेने का अवसर मिला। इस मंच ने न केवल उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया, बल्कि उनकी छिपी प्रतिभा को भी सामने लाया, जिससे उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने की एक नई दिशा मिली है। इस नृत्य के माध्यम से उन्होंने शांति, एकता और सामाजिक सौहार्द का संदेश भी दिया।
वरिष्ठ अधिकारियों ने की सराहना
इस सफल आयोजन और भागीदारी के लिए गढ़चिरौली के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने प्रतिभागियों का अभिनंदन किया है। इनमें पुलिस अधीक्षक एम. रमेश के अलावा अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान) कार्तिक मधीरा, अपर पुलिस अधीक्षक (प्रशासन) गोकुल राज जी., और अहेरी के अपर पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन बी. जे. शामिल हैं। नागरिक कार्रवाई शाखा के प्रभारी अधिकारी, पुलिस उपनिरीक्षक चंद्रकांत शेलके और अन्य पुलिसकर्मियों ने इस दल की भागीदारी सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इनपुट: IANS



