मंगलवार, 25 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
अपराध

विदेशी नागरिकों से ठगी: ED का फर्जी कॉल सेंटरों पर शिकंजा, चंडीगढ़-मोहाली में छापे, 70 लाख ज़ब्त

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अमेरिका और कनाडा के नागरिकों को निशाना बनाने वाले एक बड़े फर्जी कॉल सेंटर रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस सिलसिले में एजेंसी ने 21 अगस्त को चंडीगढ़, मोहाली और मध्य प्रदेश में…

विदेशी नागरिकों से ठगी: ED का फर्जी कॉल सेंटरों पर शिकंजा, चंडीगढ़-मोहाली में छापे, 70 लाख ज़ब्त
(फोटो: IANS)

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अमेरिका और कनाडा के नागरिकों को निशाना बनाने वाले एक बड़े फर्जी कॉल सेंटर रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस सिलसिले में एजेंसी ने 21 अगस्त को चंडीगढ़, मोहाली और मध्य प्रदेश में आठ ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस कार्रवाई में कुल 70 लाख रुपये की संपत्ति ज़ब्त की गई है, जिसमें करीब 20 लाख रुपये नकद और 50 लाख रुपये का बैंक बैलेंस शामिल है।

विज्ञापन

यह कार्रवाई विजय राज कपूरिया, वरिंदर राज और मेसर्स इन्फिमम एंटरप्राइजेज एलएलपी समेत उनसे जुड़े लोगों और संस्थाओं के खिलाफ की गई है। ईडी ने यह जांच पंजाब के सोहाना पुलिस स्टेशन में दर्ज एक FIR के आधार पर शुरू की थी, जिसमें मोहाली के सेक्टर 108 से एक धोखाधड़ी वाला कॉल सेंटर चलाने का आरोप लगाया गया था। पंजाब पुलिस इस मामले में पहले ही चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।

कैसे करते थे विदेशी नागरिकों से ठगी?

ईडी की जांच से पता चला है कि आरोपी विदेश में बैठे अपने साथियों के साथ मिलकर काम करते थे। वे ग्राहकों को प्रिंटर, आईपैड या ऐपल/माइक्रोसॉफ्ट से जुड़ी तकनीकी सहायता के नाम पर फर्जी पॉप-अप और कॉल भेजते थे। इन पॉप-अप में सिस्टम में खराबी का झूठा संदेश दिखाकर एक टोल-फ्री नंबर दिया जाता था।

जब कोई व्यक्ति उस नंबर पर फोन करता, तो कॉल सेंटर के ऑपरेटर एक तय स्क्रिप्ट के मुताबिक बात करके उसे अपने कंप्यूटर का रिमोट एक्सेस देने के लिए मना लेते थे। इसके बाद, वे ग्राहकों को गैर-जरूरी या नकली सेवाओं के लिए भुगतान करने पर मजबूर करते थे।

हवाला और शेल कंपनियों के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग

आरोपियों ने ठगी से मिले पैसों को भारत लाने के लिए कई जटिल तरीकों का इस्तेमाल किया। पीड़ितों से भुगतान पेपाल, बैंकिंग चैनलों, बिटकॉइन और अन्य क्रिप्टोकरेंसी के जरिए लिया जाता था। जांच के मुताबिक, इस पैसे को हवाला के जरिए भी ट्रांसफर किया गया।

पीएमएलए के तहत हुई जांच में यह बात सामने आई कि पैसा मुख्य रूप से अमेरिका स्थित आरएचएल ऑपरेटिंग सॉल्यूशंस और आरजी सिक्योरिटी सॉल्यूशंस एलएलसी जैसी विदेशी संस्थाओं के खातों में घुमाया जाता था। इसके अलावा, मेसर्स इन्फिमम एंटरप्राइजेज एलएलपी के बैंक खाते में भी कई संदिग्ध डमी और शेल कंपनियों से रकम आई थी। छापेमारी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज़ और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी ज़ब्त किए गए हैं। ईडी ने कहा है कि मामले में आगे की जांच जारी है।

इनपुट: IANS

N

News4Social क्राइम डेस्क

News4Social क्राइम डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से अपराध और कानून से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →