रियल एस्टेट धोखाधड़ी मामला: पूर्व मंत्री गोपाल कांडा के ठिकानों पर ED की छापेमारी
गुरुग्राम में रियल एस्टेट धोखाधड़ी से जुड़े एक कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच तेज हो गई है। इसी सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने हरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल कांडा से जुड़े तीन ठिकानों पर…
गुरुग्राम में रियल एस्टेट धोखाधड़ी से जुड़े एक कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच तेज हो गई है। इसी सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने हरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल कांडा से जुड़े तीन ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, यह कार्रवाई गुरुवार को कांडा के घर, फार्महाउस और दफ्तरों पर की गई।
यह पूरा मामला 248.46 करोड़ रुपए के कथित घोटाले से जुड़ा है, जिसकी जांच ED की गुरुग्राम इकाई कर रही है। आरोप वाटिका लिमिटेड पर है, जिसने निवेशकों को व्यावसायिक परियोजनाओं में निवेश के लिए आकर्षित किया था।
क्या हैं धोखाधड़ी के आरोप?
जांच एजेंसी के अनुसार, निवेशकों को समय पर पजेशन, निश्चित रिटर्न, लीज रेंटल और सेल डीड पूरा करने का आश्वासन दिया गया था। जांच के घेरे में आई चार परियोजनाओं में 661 निवेशकों से लगभग 248.46 करोड़ रुपए की रकम जमा की गई थी। हालांकि, ED ने पाया कि निवेशकों को न तो आज तक कब्जा मिला और न ही बिक्री के वादे पूरे किए गए।
वित्तीय लेन-देन के विश्लेषण और घर खरीदारों के पैसे के संदिग्ध हेरफेर के आधार पर ED ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) की धारा 17 के तहत यह छापेमारी की है। एजेंसी का दावा है कि निवेशकों से ली गई रकम को बाद में गोपाल कांडा से जुड़ी विभिन्न कंपनियों में ट्रांसफर किया गया था।
कौन हैं गोपाल कांडा?
गोपाल कांडा हरियाणा सरकार में गृह, उद्योग और शहरी स्थानीय निकाय (स्वतंत्र प्रभार) जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों के पूर्व राज्य मंत्री रह चुके हैं। उन्होंने हरियाणा लोकहित पार्टी नाम से अपना राजनीतिक दल भी बनाया है और वह सिरसा से दो बार विधायक चुने जा चुके हैं।
इससे पहले, 2012 में उन्हें एयर होस्टेस गीतिका शर्मा को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों के चलते मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। हालांकि, जुलाई 2023 में एक अदालत ने उन्हें इस मामले में सभी आरोपों से बरी कर दिया था।
इनपुट: IANS



