अजमेर मेयर चुनाव: कांग्रेस ने बेंगलुरु भेजे 42 पार्षद, 21 सितंबर को BJP से सीधा मुकाबला
राजस्थान के अजमेर में 21 सितंबर को होने वाले मेयर चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस पार्टी ने अपने पार्षदों की एकजुटता सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए उन्हें बेंगलुरु भेज…
राजस्थान के अजमेर में 21 सितंबर को होने वाले मेयर चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस पार्टी ने अपने पार्षदों की एकजुटता सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए उन्हें बेंगलुरु भेज दिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस समूह में पार्टी के 37 पार्षदों के अलावा 5 निर्दलीय पार्षद भी शामिल हैं, जिससे कुल संख्या 42 हो गई है।
यह पूरा दल राजस्थान पर्यटन विकास निगम (आरटीडीसी) के पूर्व चेयरमैन धर्मेंद्र राठौड़ के नेतृत्व में बेंगलुरु गया है। राठौड़ ने बताया कि सभी पार्षद 20 सितंबर तक वहीं रुकेंगे और मतदान के दिन यानी 21 सितंबर को ही अजमेर वापस लौटेंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा द्वारा कांग्रेस पार्षदों को प्रभावित करने की कोशिशों और दबाव की आशंका के चलते यह फैसला लेना पड़ा। इससे पहले, इन पार्षदों को पुष्कर में एक साथ रखा गया था।
कौन हैं उम्मीदवार और क्या है सीटों का गणित?
अजमेर नगर निगम के मेयर पद के लिए कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधी टक्कर है। कांग्रेस ने वार्ड 57 की पार्षद किरण गढ़वाल को अपना उम्मीदवार बनाया है, जबकि भाजपा ने वार्ड 3 की पार्षद अनामिका शर्मा पर दांव लगाया है। दोनों ने बुधवार को अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। अपनी प्राथमिकताओं के बारे में बताते हुए किरण गढ़वाल ने महिला सुरक्षा, युवाओं के लिए खेल मैदान और अजमेर के विकास के लिए एक्शन प्लान बनाने की बात कही है।
नगर निगम में कुल 80 वार्ड हैं और बहुमत का जादुई आँकड़ा 41 है। चुनाव में कांग्रेस को 37 और भाजपा को 32 सीटें मिली थीं, जबकि 11 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार जीते थे। ऐसे में मेयर बनाने के लिए निर्दलीय पार्षदों की भूमिका निर्णायक हो गई है। कांग्रेस ने पाँच निर्दलीय पार्षदों का समर्थन हासिल करने का दावा किया है, और दोनों ही दल बाकी निर्दलीयों को अपने पाले में लाने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। 21 सितंबर को मतदान के बाद उसी दिन नतीजों की घोषणा होने की उम्मीद है।
इनपुट: IANS



