गुरूवार, 17 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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बांग्लादेश में डेंगू का कहर: सितंबर में मौतें तीन गुना बढ़ीं, अस्पताल में भर्ती होने का नया रिकॉर्ड

बांग्लादेश इस समय डेंगू के गंभीर प्रकोप का सामना कर रहा है, जहाँ सितंबर महीने के पहले 16 दिनों में ही 74 लोगों की मौत हो चुकी है। यह आँकड़ा अगस्त महीने में हुई कुल 43 मौतों से 72% अधिक है, जो बीमारी…

बांग्लादेश में डेंगू का कहर: सितंबर में मौतें तीन गुना बढ़ीं, अस्पताल में भर्ती होने का नया रिकॉर्ड
(फोटो: IANS)

बांग्लादेश इस समय डेंगू के गंभीर प्रकोप का सामना कर रहा है, जहाँ सितंबर महीने के पहले 16 दिनों में ही 74 लोगों की मौत हो चुकी है। यह आँकड़ा अगस्त महीने में हुई कुल 43 मौतों से 72% अधिक है, जो बीमारी की बढ़ती गंभीरता को दर्शाता है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मौतों की दैनिक औसत दर भी तीन गुना से अधिक हो गई है।

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स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) के आंकड़ों का हवाला देते हुए स्थानीय मीडिया ने बताया कि अगस्त में जहाँ डेंगू से प्रतिदिन औसतन 1.4 मौतें हो रही थीं, वहीं सितंबर में यह आंकड़ा बढ़कर 4.6 पर पहुँच गया है। स्थिति की भयावहता का अंदाज़ा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि बुधवार सुबह तक के 24 घंटों में 1,753 नए मरीज़ों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जो इस साल एक दिन में सबसे ज़्यादा है।

शहरों से लेकर ज़िलों तक फैलता प्रकोप

बुधवार को अस्पताल में भर्ती हुए मरीज़ों में से 744 राजधानी ढाका और आसपास के थे, लेकिन बड़ी संख्या में मामले अन्य क्षेत्रों से भी सामने आए। खुलना में 349, बारीसाल में 186, चटगांव में 177, राजशाही में 153, मयमनसिंह में 83, रंगपुर में 53 और सिलहट में नौ मरीज़ भर्ती हुए। इसी 24 घंटे की अवधि में हुई सात मौतें भी ढाका के बाहर हुईं, जो बताता है कि प्रकोप अब देश के विभिन्न हिस्सों में फैल चुका है।

इस साल हुई कुल 171 मौतों में से सबसे ज़्यादा 80 मौतें ढाका में हुई हैं। इसके बाद खुलना में 32, मयमनसिंह में 18, चटगांव में 16, बारीसाल में 13, राजशाही में 8, रंगपुर में 3 और सिलहट में 1 व्यक्ति की जान गई है। हालाँकि, विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ़ अस्पताल के आँकड़े संक्रमण के सही फैलाव को नहीं दर्शाते, क्योंकि गंभीर मरीज़ों को अक्सर ज़िलों से ढाका रेफर कर दिया जाता है।

विशेषज्ञों की चेतावनी और समाधान

DGHS के बीमारी नियंत्रण विभाग के पूर्व निदेशक प्रोफेसर बे-नजीर अहमद ने कहा, "सिर्फ फॉगिंग से डेंगू को कंट्रोल नहीं किया जा सकता। सबसे असरदार तरीका है एडीज मच्छर के पनपने की जगहों की पहचान करना और उन्हें खत्म करना। साथ ही, गंभीर बीमारी और मौत को रोकने के लिए तेजी से पहचान और समय पर इलाज बहुत जरूरी है।"

जुलाई के बाद से बांग्लादेश में डेंगू के हालात तेज़ी से बिगड़े हैं। जुलाई में जहाँ 9,206 लोग अस्पताल में भर्ती हुए थे, वहीं अगस्त में यह संख्या दोगुनी से भी ज़्यादा बढ़कर 20,536 हो गई। इस साल अब तक कुल 56,916 लोग अस्पताल में भर्ती हो चुके हैं। विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि अगर रोकथाम के कड़े उपाय नहीं किए गए, तो नवंबर तक संक्रमण और मौतों का आँकड़ा और बढ़ सकता है।

इनपुट: IANS

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News4Social इंटरनेशनल डेस्क

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