शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
अपराध

अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी: ED ने बनीत सिंह तलवार को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में किया गिरफ्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक और अहम गिरफ्तारी की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, एजेंसी ने शुक्रवार को बनीत सिंह तलवार को…

अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी: ED ने बनीत सिंह तलवार को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में किया गिरफ्तार
(फोटो: IANS)

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक और अहम गिरफ्तारी की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, एजेंसी ने शुक्रवार को बनीत सिंह तलवार को 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया है। यह मामला टैल्कम पाउडर में छिपाकर नशीले पदार्थों की तस्करी और उससे जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है।

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आरोपी बनीत सिंह तलवार को नई दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उसे पांच दिनों की ईडी हिरासत में भेज दिया है। ईडी की यह कार्रवाई राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा दर्ज एक FIR के आधार पर शुरू हुई थी।

क्या है पूरा मामला?

यह जांच अफगानिस्तान, पाकिस्तान और दुबई से संचालित हो रहे एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी सिंडिकेट से जुड़ी है। NIA इस मामले में पहले ही छह आरोप-पत्र दाखिल कर चुकी है। जांच में सामने आया कि इस पूरे सिंडिकेट का मास्टरमाइंड 'वितेश कोसर' उर्फ 'राजू दुबई' है, जो फिलहाल वांछित है। इस नेटवर्क में पाकिस्तानी ISI एजेंट और अफगान नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं।

एजेंसी के अनुसार, नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री से मिली 76 करोड़ रुपये की रकम हवाला के जरिए अफगानिस्तान भेजी गई थी। इस पैसे का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों की फंडिंग के लिए किए जाने का भी खुलासा हुआ है।

बनीत सिंह तलवार की भूमिका

गिरफ्तार किया गया बनीत सिंह तलवार, इस मामले के एक अन्य आरोपी हरप्रीत सिंह तलवार का भाई है। हरप्रीत ने ही मास्टरमाइंड राजू दुबई के साथ मिलकर भारत में ड्रग्स की तस्करी कराई थी। ईडी की जांच से पता चला है कि हरप्रीत की गिरफ्तारी के बाद भी बनीत सिंह उसके व्यापारिक काम संभालता रहा।

आरोप: बनीत ने ड्रग तस्करी में शामिल 'मैजेंट इंडिया' नाम की एक कंपनी को 55 लाख रुपये से ज्यादा दिए, जो हरप्रीत के नियंत्रण में थी। जांच में पाया गया कि अपराध से कमाई गई रकम को पहले हरप्रीत सिंह ने अलग-अलग कंपनियों में लगाया, जो बाद में कई जटिल लेन-देन के जरिए बनीत सिंह तक पहुंची। उसने अपराध की कमाई से 'बेनामी' कंपनियों के नाम पर गाड़ियां खरीदीं, जिन्हें ईडी पहले ही जब्त कर चुकी है। साथ ही, उसने इस रकम से अचल संपत्तियां भी खरीदीं।

अब तक की जांच और बरामदगी

ईडी की अब तक की वित्तीय जांच में ड्रग तस्करी से जुड़ी 89 करोड़ रुपये की 'अपराध से प्राप्त आय' का पता चला है। यह रकम नशीले पदार्थों की तस्करी, हवाला से भेजी गई राशि और अन्य वस्तुओं के रूप में थी। एजेंसी का कहना है कि ड्रग तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और हवाला नेटवर्क को तोड़ने के लिए यह गिरफ्तारी एक बड़ी कार्रवाई का हिस्सा है। मामले में आगे की जांच अभी जारी है।

इनपुट: IANS

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News4Social क्राइम डेस्क

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