दिशा सालियान केस: जांच की धीमी रफ़्तार पर सवाल, कोर्ट की निगरानी में CBI जांच के लिए याचिका दायर
सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में जांच की धीमी गति को लेकर एक बार फिर सवाल उठाए गए हैं। दिशा के वकील नीलेश ओझा ने जांच में तेजी लाने और इसे अदालत की निगरानी में कराने की मांग के सा…
सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में जांच की धीमी गति को लेकर एक बार फिर सवाल उठाए गए हैं। दिशा के वकील नीलेश ओझा ने जांच में तेजी लाने और इसे अदालत की निगरानी में कराने की मांग के साथ मुंबई की किला कोर्ट में एक आवेदन दाखिल किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस याचिका पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के जज के समक्ष अगली सुनवाई 18 नवंबर को होगी।
याचिका में मुख्य रूप से CBI की कार्रवाई की धीमी रफ़्तार पर चिंता जताई गई है और यह मांग की गई है कि जांच को अदालत की निगरानी में रखा जाए। वकील ओझा के अनुसार, ऐसा होने पर जांच एजेंसी को अपनी प्रगति और कार्रवाई की जानकारी नियमित रूप से अदालत को देनी होगी, जिसके लिए CBI को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करनी पड़ेगी।
जांच में देरी और गिरफ्तारी न होने पर सवाल
वकील नीलेश ओझा ने आरोप लगाया है कि जांच में कई अहम कदम अब तक नहीं उठाए गए हैं। उन्होंने विशेष रूप से आदित्य ठाकरे की गिरफ्तारी न होने और उनके पक्ष द्वारा बताए गए गवाहों के बयान दर्ज नहीं किए जाने का उल्लेख किया। उनका कहना है कि यदि जांच में कोई कमी पाई जाती है तो अदालत CBI को कानून, मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) और सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के अनुसार कार्रवाई करने का निर्देश दे सकती है।
पिता ने राष्ट्रपति और सांसदों को लिखा पत्र
इस बीच, दिशा के पिता सतीश सालियान ने भी इस मुद्दे को बड़े स्तर पर उठाने की कोशिश की है। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ-साथ लोकसभा और राज्यसभा के सभी सांसदों को पत्र लिखकर इस मामले को संसद के भीतर और बाहर उठाने की अपील की है। पत्र में सवाल किया गया है कि जब मामले में कथित सामूहिक दुष्कर्म और हत्या से जुड़े सबूत मौजूद होने का दावा किया जा रहा है, तो प्रभावशाली आरोपियों की गिरफ्तारी में देरी क्यों हो रही है।
वकील ने यह भी दावा किया कि उनके पास प्रत्यक्षदर्शियों समेत कई सबूत हैं, जिनमें पेन ड्राइव और गवाहों के वीडियो बयान शामिल हैं, जो CBI को सौंपे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि CBI के पास 11 प्रत्यक्षदर्शी होने के बावजूद अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। इसी के चलते उन्होंने जांच में तेजी और जवाबदेही की मांग को लेकर लोगों से CBI कार्यालय तक मार्च करने की भी अपील की है।
इनपुट: IANS



