पुणे: माण-हिंजवडी से शिवाजीनगर मेट्रो 4 नवंबर से होगी शुरू, प्रधानमंत्री करेंगे वर्चुअल उद्घाटन
पुणे के हिंजवडी आईटी पार्क में काम करने वाले और शहर के अन्य हिस्सों में रहने वाले लाखों लोगों का सफ़र अब आसान होने जा रहा है। बहुप्रतीक्षित पुणे मेट्रो लाइन-3 का संचालन 4 नवंबर से यात्रियों के लिए…
पुणे के हिंजवडी आईटी पार्क में काम करने वाले और शहर के अन्य हिस्सों में रहने वाले लाखों लोगों का सफ़र अब आसान होने जा रहा है। बहुप्रतीक्षित पुणे मेट्रो लाइन-3 का संचालन 4 नवंबर से यात्रियों के लिए शुरू कर दिया जाएगा। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 3 नवंबर को इस लाइन का वर्चुअल उद्घाटन करेंगे, जिसके बाद यह सेवा आम लोगों के लिए खुल जाएगी। इस लाइन के शुरू होने से शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पर पड़ने वाला बोझ कम होने की उम्मीद है।
यह मेट्रो लाइन माण-हिंजवडी को शिवाजीनगर से जोड़ेगी। शुरुआत में, कुल 23 में से 17 स्टेशन ही चालू किए जाएंगे। 3 नवंबर को सुबह 10.30 बजे म्हालुंगे-बालेवाड़ी स्थित श्री शिवछत्रपति स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में होने वाले उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा अजित पवार भी मौजूद रहेंगी। यह जानकारी पुणे महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (पीएमआरडीए) के महानगर आयुक्त डॉ. अभिजीत चौधरी और पुणे आईटी सिटी मेट्रो रेल लिमिटेड के अधिकारियों ने दी।
परियोजना की खास बातें
सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर विकसित यह देश की पहली मेट्रो परियोजना है। लगभग 23.203 किलोमीटर लंबी यह पूरी लाइन एलिवेटेड है और इसे ‘पुणेरी मेट्रो’ व ‘पिंक लाइन’ के नाम से भी जाना जाएगा। इस प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित लागत 8,313 करोड़ रुपए है। इस सेवा से प्रतिदिन करीब दो से ढाई लाख यात्रियों को लाभ मिलने का अनुमान है, जिससे हिंजवडी आईटी पार्क, औंध, बाणेर और शिवाजीनगर जैसे इलाकों में यातायात का दबाव घटेगा।
समय और कनेक्टिविटी
4 नवंबर से मेट्रो सेवाएं सुबह 6 बजे शुरू होंगी। माण से जिला न्यायालय की ओर आखिरी ट्रेन रात 10.30 बजे चलेगी, जबकि जिला न्यायालय से माण की ओर अंतिम ट्रेन रात 11.40 बजे रवाना होगी। पीक आवर्स में हर छह मिनट पर और सामान्य समय में हर 12 मिनट पर मेट्रो उपलब्ध होगी। यात्रियों की सुविधा के लिए, जिला न्यायालय स्टेशन को महामेट्रो की लाइन-1 (पिंपरी-चिंचवड़ से स्वारगेट) और लाइन-2 (वनाज से रामवाड़ी) से जोड़ा गया है। दोनों मेट्रो सेवाओं के लिए एक संयुक्त टिकटिंग ऐप भी बनाया गया है।
यात्री सुविधाएं और सुरक्षा
मेट्रो में अल्स्टॉम कंपनी की वातानुकूलित ट्रेनें चलेंगी, जिनमें मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग की सुविधा भी होगी। यात्रियों को स्टेशनों तक पहुंचने के लिए बस, ऑटो, टैक्सी और ई-बाइक जैसी सुविधाएं देने की भी योजना है। इसके लिए स्टेशनों के बाहर अलग पिक-अप और ड्रॉप-ऑफ पॉइंट बनाए जा रहे हैं। सुरक्षा के लिए महाराष्ट्र राज्य सुरक्षा महामंडल के 350 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है।
महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण
इस मेट्रो लाइन की एक बड़ी विशेषता यह है कि इसकी सभी ट्रेनें लगभग 100 महिला ट्रेन पायलट चलाएंगी। इसके अलावा, स्टेशन के कुल स्टाफ में भी करीब 50 प्रतिशत महिलाएं होंगी, जिनमें स्टेशन कंट्रोलर से लेकर टिकट कर्मचारी तक शामिल हैं। परियोजना में पर्यावरण का भी ध्यान रखा गया है। स्टेशनों और डिपो पर 7.60 मेगावाट क्षमता के सोलर पैनल लगाए गए हैं, जो परियोजना की 30% बिजली की जरूरत पूरी करेंगे। साथ ही, 5,500 नए पेड़ लगाए गए हैं और 750 पेड़ों का पुनर्रोपण किया गया है।
इनपुट: IANS



