गोरखपुर: अवैध हथियारों की तस्करी का नेटवर्क, इंदौर का सप्लायर STF के हत्थे चढ़ा
उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह के सदस्य को यूपी स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने गिरफ्तार किया है। आरोपी को गोरखपुर के कैंट इलाके से पकड़ा…
उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह के सदस्य को यूपी स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने गिरफ्तार किया है। आरोपी को गोरखपुर के कैंट इलाके से पकड़ा गया, जिसके पास से दो अवैध पिस्टल भी बरामद हुई हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी बिट्टू इन्दौरी उर्फ देवेन्द्र सक्सेना के रूप में हुई है।
एसटीएफ ने यह कार्रवाई शनिवार शाम करीब 7:15 बजे गोरखपुर के कैंट थाना क्षेत्र स्थित कौवाबाग अंडरपास के पास की। तलाशी के दौरान देवेन्द्र सक्सेना के कब्जे से .32 बोर की दो पिस्टल, दो मैगजीन और .32 बोर का एक कारतूस मिला। एसटीएफ के अनुसार, आरोपी पिछले चार-पांच सालों से इस अवैध कारोबार में सक्रिय था और उसके खिलाफ पहले से भी आपराधिक मामले दर्ज हैं।
सेंधवा और सोनीपत से चलता था नेटवर्क
जांच में पता चला है कि यह गिरोह मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के सेंधवा और हरियाणा के सोनीपत से संचालित होता था। गिरोह के सदस्य मुख्य रूप से पूर्वांचल के गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया और महाराजगंज जिलों में सक्रिय थे। वे स्थानीय लोगों को अपने नेटवर्क में शामिल कर अवैध पिस्टलों की आपूर्ति करते थे और हर हथियार पर 20 से 30 हजार रुपए का मोटा मुनाफा कमाते थे।
दुर्घटना के बाद जेल में बना तस्कर
पूछताछ के दौरान सक्सेना ने अपनी पूरी कहानी बताई। उसने बताया कि वह पहले चार पहिया वाहन चलाता था, लेकिन एक सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो जाने के कारण उसे जेल जाना पड़ा। मध्य प्रदेश की सेंधवा जेल में ही उसकी मुलाकात हथियार तस्कर श्रेयांश यादव से हुई, जिसके बाद वह इस धंधे में उतर गया। उसने बताया कि वह स्थानीय कारीगरों से 15 से 30 हजार रुपए में हथियार खरीदकर उन्हें 35 से 40 हजार रुपए में बेचता था। गोरखपुर तक हथियार पहुंचाने के लिए वह 10 हजार रुपए अलग से लेता था।
कमजोर नेटवर्क को मजबूत करने आया था
आरोपी ने कबूल किया कि हाल ही में गिरोह के कुछ सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद पूर्वांचल में उनका नेटवर्क कमजोर हो गया था। इसी सिलसिले में वह रणधीर यादव नाम के व्यक्ति की मांग पर दो पिस्टल लेकर गोरखपुर आया था, लेकिन एसटीएफ ने उसे पहले ही दबोच लिया। एसटीएफ के अनुसार, इसी गिरोह के पांच सदस्यों को 14-15 सितंबर 2026 को और एक अन्य सदस्य को 5 अक्टूबर 2026 को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।
यह पूरी कार्रवाई पुलिस उपाधीक्षक धर्मेश कुमार शाही के पर्यवेक्षण में एसटीएफ फील्ड यूनिट, गोरखपुर की टीम ने की, जिसमें कैंट थाना पुलिस ने भी सहयोग किया। गिरफ्तार आरोपी को कैंट थाने में दर्ज मुकदमे के तहत जेल भेज दिया गया है और पुलिस गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश में जुटी है।
इनपुट: IANS



