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सवाल 128 - क्या यह सत्य है कि रंभा, जो की एक अप्सरा थी, का रावण द्वारा बलात्कार किया गया था?

भगवान श्रीराम ने किसी ऐसे रावण का वध नहीं किया था, जो विद्वान था, शास्त्रों का ज्ञाता भी था और अपने राज्य की भलाई के बारे में सोचता था.

सवाल 128 - क्या यह सत्य है कि रंभा, जो की एक अप्सरा थी, का रावण द्वारा बलात्कार किया गया था?

भगवान श्रीराम ने किसी ऐसे रावण का वध नहीं किया था, जो विद्वान था, शास्त्रों का ज्ञाता भी था और अपने राज्य की भलाई के बारे में सोचता था. बल्कि राम ने ऐसे रावण का वध किया था जो स्त्रियों का सम्मान नहीं करता था और उनके साथ दुर्व्यवहार करता था. इतना ही नहीं अपनी शक्ति में चूर होकर बलपूर्वक अपनी बात मनवाता था. यही नहीं ऐसा कहा जाता है कि रावण ने मंदोदरी से भी बलपूर्वक ही विवाह किया था.

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हम आपको बताने जा रहें है रम्भा नामक अप्सरा के बारें में, वह स्वर्ग की अप्सरा थी. जो तमाम नृत्यों और कई कलाओं को जानती थी. रम्भा नलकुबेर की पत्नी थी. रावण और कुबेर दोनों भाई थे. कुबेर के पुत्र का नाम था नलकुबेर था. रम्भा का विवाह नलकुबेर से हुआ था. और इस रिश्ते से वह रावण की बहू लगती थी. एक दिन जब रावण की नजर रम्भा की सुंदरता पर मोहित हो गया और उसने रम्भा से आपत्तिजनक बातें पूछी. रावण ने रम्भा से पूछा कि वह इतना सज-धज कर किसको तृप्त करने जा रही है? रावण ने इसके लिए संस्कृत में ‘भोक्ष्यते’ शब्द का प्रयोग किया.

रम्भा ने रावण को रिश्ते-नातों की याद दिलाई. रावण ने पहले तो मानने से इनकार कर दिया कि वह उसकी पुत्रवधू है, लेकिन जब रम्भा ने नलकुबेर के बारे में बताया, तो रावण ने फिर आनाकानी शुरू कर दी. उस समय रम्भा काफ़ी डरी हुई थी और देवताओं को भी जीत चुके रावण के बारे में उसे पता था कि वह कुछ भी कर सकता है. डर से काँप रही रम्भा को शायद यह नहीं पता था कि रावण अपनी दुष्टता के कारण रिश्तों-नातों की भी परवाह नहीं करेगा. पुराणों के अनुसार और वाल्मीकि द्वारा लिखि गई रामायण’ के अनुसार, रावण ने रम्भा का बलात्कार किया था रंभा ने रावण को श्राप दिया कि अगर वह किसी भी महिला को उसके इच्छा के विरूध छूता है, तो उसके दसों सर उसी वक्त फट जाएगें.

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रावण ने रंभा का के साथ बलात्कार किया यह बात उसने शर्म से किस को भी नहीं बताई थी. रंभा के श्राप के कारण ही रावण ने सीता को नहीं छुआ, लेकिन मां सीता तो प्रसन्न करने के लिए उसने बहुत कुछ किया था. मां सीता ने रावण की किसी भी बात को नहीं मानी और अपने प्रभु राम के आने की प्रतिक्षा करती रही और उनकी यह प्रतिक्षा सफल भी रही.

आशा करते है कि आप सभी को इस प्रश्न का उत्तर मिल गया होगा. आप लोग ऐसे ही प्रश्न पूछते रहिए हम उन प्रश्नों के उत्तर आपको खोजकर देंगे. आप कमेंट बॉक्स में अपनी राय और कमेंट करके अपने प्रश्नों को पूछ सकते है. इस सवाल को पूछने के लिए आपका धन्यवाद

विषयरामायण
PK

Pinki Kumari

पिंकी कुमारी News4Social की क्राइम संवाददाता हैं। वे अपराध, कानून-व्यवस्था और राष्ट्रीय खबरों पर रिपोर्ट करती हैं, और घटनाओं को तथ्यों के आधार पर प्रस्तुत करने का प्रयास करती हैं। सभी लेख देखें →

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