देवघर श्रावणी मेला: AI कंट्रोल रूम और 14,000 जवानों की निगरानी में होगा बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक
झारखंड के विश्वप्रसिद्ध देवघर श्रावणी मेले की तैयारियां अंतिम चरण में हैं, जो इस साल 30 जुलाई से शुरू हो रहा है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, एक महीने तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन के लिए इस बार…
झारखंड के विश्वप्रसिद्ध देवघर श्रावणी मेले की तैयारियां अंतिम चरण में हैं, जो इस साल 30 जुलाई से शुरू हो रहा है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, एक महीने तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन के लिए इस बार सुरक्षा के अभूतपूर्व और हाईटेक इंतजाम किए जा रहे हैं, जिसमें पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कंट्रोल रूम भी शामिल है।
प्रशासन का लक्ष्य 25 जुलाई तक सभी आधारभूत तैयारियां पूरी कर लेना है, ताकि बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले लाखों श्रद्धालुओं का अनुभव सुगम और सुरक्षित हो। इस विशाल आयोजन को देखते हुए, रविवार और सोमवार को वीआईपी, वीवीआईपी और आउट ऑफ टर्न दर्शन की सुविधा को स्थगित रखने का निर्णय लिया गया है।
हाईटेक सुरक्षा और निगरानी
इस बार मेले की निगरानी के लिए ड्रोन और स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा। देवघर के उपायुक्त के मुताबिक, श्रद्धालुओं की भीड़ और उनकी आवाजाही पर चौबीसों घंटे नजर रखने के लिए एक एकीकृत AI-आधारित मेला कंट्रोल रूम स्थापित किया जा रहा है। यह कंट्रोल रूम पूरे मेला क्षेत्र, कतार मार्ग, रेलवे स्टेशनों और अन्य प्रमुख स्थानों से रियल-टाइम डेटा का विश्लेषण करेगा। सुरक्षा के लिए 14,000 से अधिक अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती होगी, जिसमें जिला पुलिस, झारखंड सशस्त्र पुलिस (JAP), इंडियन रिजर्व बटालियन (IRB), रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की पांच कंपनियां और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की दो कंपनियां शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) की टीम पहले ही बाबा मंदिर परिसर और कतार मार्ग का सुरक्षा ऑडिट कर चुकी है। मेला क्षेत्र में 21 अस्थायी पुलिस ओपी और 13 ट्रैफिक ओपी भी बनाए जा रहे हैं।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं
इस साल मंदिर परिसर में कई नई व्यवस्थाएं की गई हैं। शीघ्र दर्शनम और सामान्य कतार के बीच भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एक नया फुट ओवरब्रिज बनाया गया है, जिसका ट्रायल 20 जुलाई से शुरू होगा। गर्भगृह में मोबाइल फोन ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा और श्रद्धालुओं का सामान सुरक्षित रखने के लिए क्यू कॉम्प्लेक्स में लॉकर और क्लॉक रूम बनाए गए हैं।
शहर में यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए डबल डेकर कांवरिया वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। दुम्मा बॉर्डर से खिजुरिया कांवरिया पथ तक श्रद्धालुओं के लिए बालू बिछाई जा रही है। श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए कोठिया में एक विशाल टेंट सिटी भी तैयार की जा रही है, जहाँ स्वच्छता और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है।
स्वास्थ्य और अन्य सुविधाएं
स्वास्थ्य सेवाओं को भी पहले से बेहतर बनाया गया है। भीड़भाड़ वाले इलाकों से मरीजों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने के लिए पहली बार टोटो एंबुलेंस सेवा शुरू की जाएगी। देवघर और जसीडीह रेलवे स्टेशन समेत पूरे कांवरिया पथ पर 24 घंटे चलने वाले मेडिकल कैंप भी लगेंगे, जहाँ डॉक्टर, दवाएं, पेयजल, अस्थायी शौचालय और स्नानगृह की सुविधा उपलब्ध होगी।
इनपुट: IANS



