गार्ड ड्यूटी में लापरवाही और ड्रोन से जुड़ा भ्रम: दक्षिण कोरिया ने अपने वरिष्ठ सैन्य कमांडर को पद से हटाया
दक्षिण कोरियाई सेना में एक बड़े फेरबदल के तहत पश्चिमी मोर्चे की कमान संभालने वाले एक वरिष्ठ कमांडर को उनके पद से हटा दिया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, लेफ्टिनेंट जनरल हान की-सुंग…
दक्षिण कोरियाई सेना में एक बड़े फेरबदल के तहत पश्चिमी मोर्चे की कमान संभालने वाले एक वरिष्ठ कमांडर को उनके पद से हटा दिया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, लेफ्टिनेंट जनरल हान की-सुंग पर दो गंभीर मामलों में जिम्मेदारी ठीक से न निभाने का आरोप है, जिसमें अग्रिम मोर्चे पर सैनिकों को बिना लोड किए हथियारों के साथ गार्ड ड्यूटी पर तैनात करने का आदेश देना भी शामिल है।
रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को यह कार्रवाई की। योनहाप न्यूज एजेंसी के मुताबिक, प्रथम कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हान ने सैनिकों को K6 भारी मशीनगन और K4 ऑटोमैटिक ग्रेनेड लॉन्चर जैसे हथियार बिना गोला-बारूद के रखने का निर्देश दिया था। जीवित कारतूसों को हथियारों के बगल में रखने को कहा गया था, जबकि सेना के नियम कहते हैं कि अग्रिम मोर्चे पर हथियार लोड होने चाहिए। इस खुलासे ने सीमा पर तैनात सैनिकों की युद्धक तैयारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जांच और उसके परिणाम
मंत्रालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि लेफ्टिनेंट जनरल हान की-सुंग को सोमवार से ही उनकी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया है और यह निलंबन जांच पूरी होने तक जारी रहेगा। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि यह विवादास्पद निर्देश खुद कोर कमांडर ने अपने स्तर पर जारी किया था। इस घटना के बाद, सेना के ग्राउंड ऑपरेशंस कमांड ने अपने तहत आने वाले सभी पांच कोर मुख्यालयों का व्यापक निरीक्षण शुरू कर दिया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं और भी ऐसे नियमों का उल्लंघन तो नहीं हो रहा है। फिलहाल, सेना के ट्रेनिंग एंड डॉक्ट्रिन कमांड के कमांडर को प्रथम कोर का कार्यवाहक कमांडर नियुक्त किया गया है।
अमेरिकी ड्रोन को लेकर हुआ था भ्रम
लेफ्टिनेंट जनरल हान की-सुंग की कोर पर एक और गंभीर आरोप है। पिछले हफ्ते, इसी इकाई पर अमेरिका और दक्षिण कोरिया की सेनाओं के बीच संदेशों का सही आदान-प्रदान न कर पाने का मामला सामने आया था। इस वजह से अंतर-कोरियाई सीमा के पास उड़ रहे एक अमेरिकी टोही ड्रोन को दक्षिण कोरियाई सेना ने गलती से एक संभावित खतरा मान लिया था और उसे रोकने की तैयारी कर ली थी।
यह घटना उत्तरी ग्योंगगी प्रांत में गुरुवार को हुई थी, जब एक मानवरहित विमान दिखने पर वायु रक्षा अलर्ट सक्रिय कर दिया गया था। हालांकि, बाद में पुष्टि हुई कि वह ड्रोन अमेरिकी सेना का था और उसे मार गिराने की कोई कार्रवाई नहीं की गई। यूनाइटेड स्टेट्स फोर्सेस कोरिया का कहना है कि उन्होंने ड्रोन की उड़ान की पूर्व सूचना दी थी, लेकिन यह जानकारी कथित तौर पर समय पर उच्च सैन्य मुख्यालय तक नहीं पहुंच सकी, जिससे यह भ्रम की स्थिति पैदा हुई।
इनपुट: IANS



