EPFO रिश्वत मामला: CBI ने पटियाला के अधिकारी को 2.5 लाख रुपए लेते रंगे हाथों पकड़ा, कोर्ट ने जेल भेजा
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के एक प्रवर्तन अधिकारी को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने रिश्वतखोरी के एक मामले में गिरफ्तार किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, पटियाला जिला कार्यालय…
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के एक प्रवर्तन अधिकारी को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने रिश्वतखोरी के एक मामले में गिरफ्तार किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, पटियाला जिला कार्यालय में तैनात इस अधिकारी पर एक केस को रफा-दफा करने के बदले 4 लाख रुपए मांगने का आरोप है। सीबीआई ने जाल बिछाकर उसे 2.5 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा।
मामला तब सामने आया जब एक ईपीएफ कंसल्टेंट ने सीबीआई से शिकायत की। शिकायतकर्ता के एक क्लाइंट के खिलाफ 'कर्मचारी भविष्य निधि और विविध प्रावधान अधिनियम, 1952' की धारा 7ए के तहत जांच चल रही थी। कंसल्टेंट का आरोप है कि उन्होंने विभाग में सभी जरूरी दस्तावेज जमा कर दिए थे, इसके बावजूद अधिकारी ने प्रतिकूल रिपोर्ट भेजने की धमकी दी, जिससे उनके क्लाइंट पर भारी जुर्माना लग सकता था।
रिश्वत की मांग और सीबीआई का जाल
शिकायत के मुताबिक, आरोपी अधिकारी ने कंसल्टेंट को फोन करके 21 जुलाई को चंडीगढ़ स्थित ईपीएफओ के क्षेत्रीय कार्यालय में मिलने के लिए बुलाया। मुलाकात के दौरान उसने जांच बंद करने और कम से कम जुर्माना लगाने के एवज में 4 लाख रुपए की रिश्वत की मांग की।
इसके बाद सीबीआई ने 22 जुलाई को मामला दर्ज कर एक योजना बनाई। उसी दिन जब अधिकारी शिकायतकर्ता से 2.5 लाख रुपए की पहली किश्त ले रहा था, टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। 23 जुलाई को उसे चंडीगढ़ की एक अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। सीबीआई ने कहा है कि मामले की जांच अभी जारी है।
चंडीगढ़ में एक अन्य घोटाले पर भी CBI की कार्रवाई
एक अलग मामले में, सीबीआई ने चंडीगढ़ और लुधियाना में कई स्थानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई चंडीगढ़ नगर निगम और चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (CSCL) के बैंक खातों से सरकारी धन के गबन के संबंध में की गई। एजेंसी ने अनुभव मिश्रा नामक एक CSCL अधिकारी के ठिकाने समेत कुल पांच स्थानों पर तलाशी ली और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज व डिजिटल सबूत जब्त किए।
यह मामला आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की चंडीगढ़ शाखा से जुड़े एक बड़े बैंकिंग घोटाले का हिस्सा है। आरोप है कि हरियाणा सरकार के आठ विभागों के करीब 504 करोड़ रुपए फर्जी तरीकों से निकालकर शेल कंपनियों में भेज दिए गए। यह केस पहले हरियाणा राज्य सतर्कता ब्यूरो के पास था, जिसे बाद में सीबीआई को सौंप दिया गया।
इनपुट: IANS



