ब्रेक्जिट से ब्रिटेन होगा बाहर,EU सांसदों ने दी विदाई
ब्रिटेन ब्रेग्जिट से बाहर होने वाला यूरोप का पहला देश हो जाएगा ,बहुत लम्बी बहस और लोगों के मत के बाद ब्रेग्जिट डील को मंजूरी मिल गयी है.
ब्रिटेन ब्रेग्जिट से बाहर होने वाला यूरोप का पहला देश हो जाएगा ,बहुत लम्बी बहस और लोगों के मत के बाद ब्रेग्जिट डील को मंजूरी मिल गयी है. ब्रिटेन के यूरोपियन संघ से निकलने की आखिरी तारीख 31 जनवरी है. ब्रेक्जिट पर हुई बहस में ब्रिटेन के लिए लोगों के अलग-अलग मत सामने आई है जहाँ मतदान के दौरान ईयू की संसद में भावुक करने वाला माहौल रहा.
यूरोपीय संसद में ब्रेग्जिट के पक्ष में 621 मत पड़े तो इसके विरोध में 49 वोट पड़े.इसके साथ ईयू से ब्रिटेन की विदाई को मंज़ूरी दे दी गई है. यूरोपियन यूनियन से अलग होने के लिए ब्रेक्ज़िट समझौता ब्रिटिश प्रधान मंत्री बोरिस जॉनसन ने पिछले वर्ष यूरोपीय संघ के अन्य 27 नेताओं के साथ बातचीत करके किया था.जून-2016 में हुए जनमत संग्रह में ब्रेक्जिट को मंजूरी दी थी,
मतदान के दौरान संसद के प्रेसिडेंट डेविड ससोली ने कहा कि ब्रिटेन हमेशा यूरोप का हिस्सा रहेगा, आपको विदा करना मुश्किल है. लेकिन आप हमेशा हमारे साथ हैं. मतदान के बाद सांसदों ने ब्रिटेन के लिए एक कविता गाई और अलविदा किया.

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पहले जहाँ कोई भी डील के लिए यूरोपियन यूनियन से परमिशन लेनी पड़ती थी वहीं इस डील के बाद से अब ब्रिटेन अपने व्यापार के फैसले के लिए आज़ाद हो जाएगा। ब्रेक्जिट के बाद ब्रिटेन के साथ भारत का मुक्त व्यापार समझौता हो सकता है. इससे भारत-ब्रिटेन के बीच कारोबार बढ़ाने में मदद मिल सकती है. खासतौर से अपैरल इंडस्ट्री का निर्यात बढ़ेगा. ब्रिटेन एक छोटा देश है, लेकिन वह एक सेंट्रल मार्केट है. पुर्तगाल और ग्रीस जैसे कई देश ब्रिटेन से सामान ले जाते हैं.



