पंजाब: पेपर लीक के खिलाफ़ ABVP का प्रदर्शन तेज़, 5 अगस्त को विधानसभा घेराव का ऐलान
पंजाब में लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने अपना आंदोलन और तेज़ करने का फैसला किया है। संगठन ने अब सीधे तौर पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 5 अगस्त को…
पंजाब में लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने अपना आंदोलन और तेज़ करने का फैसला किया है। संगठन ने अब सीधे तौर पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 5 अगस्त को पंजाब विधानसभा के घेराव की घोषणा की है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रदर्शन के लिए बड़ी संख्या में छात्र और युवा चंडीगढ़ के सेक्टर-25 स्थित रैली ग्राउंड में सुबह 11 बजे इकट्ठा होंगे और वहां से विधानसभा की ओर कूच करेंगे।
एबीवीपी ने राज्य के सभी छात्रों और आम लोगों से इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है, ताकि युवाओं के साथ हो रही कथित नाइंसाफी के खिलाफ आवाज़ बुलंद की जा सके। संगठन की मुख्य मांगों में शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस का इस्तीफ़ा और पेपर लीक मामलों में जवाबदेही तय करना शामिल है।
क्यों हो रहा है यह विरोध प्रदर्शन?
एबीवीपी पंजाब के प्रदेश सचिव जसकरण सिंह भुल्लर ने हाल ही में फार्मेसी परीक्षा में हुए पेपर लीक का हवाला दिया, जिसमें 35 विद्यार्थी नकल करते पकड़े गए थे। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं उन छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं जो पूरी ईमानदारी से परीक्षा की तैयारी करते हैं। भुल्लर ने कहा, "जिन छात्रों ने ईमानदारी से परीक्षा दी है, उनके साथ अन्याय हुआ है और ऐसे विद्यार्थियों को न्याय दिलाने के लिए सभी छात्रों को एकजुट होना चाहिए।"
सरकार पर विफलता का आरोप
भुल्लर ने पंजाब सरकार की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि 2022 में सरकार बनने के बाद से अब तक एग्रीकल्चर डेवलपमेंट ऑफिसर, 12वीं के अंग्रेजी विषय और नायब तहसीलदार समेत 5 से 6 प्रमुख परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं। उन्होंने 19 जुलाई को हुई फार्मेसी परीक्षा के पेपर लीक और उस पर 20 जुलाई को हुई पुलिस कार्रवाई का भी जिक्र किया।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
यह विरोध प्रदर्शन 1 अगस्त को शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के आवास के बाहर हुए घेराव की अगली कड़ी है। भुल्लर ने कहा कि अगर देश में पेपर लीक की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री इस्तीफ़ा दे सकते हैं, तो पंजाब के शिक्षा मंत्री को भी ऐसा करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने छात्रों की मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाई, तो इस आंदोलन को और भी बड़े स्तर पर ले जाया जाएगा।
इनपुट: IANS



