समान नागरिक संहिता: चिराग पासवान ने BJP से अलग राह अपनाई, कहा - पहले ड्राफ्ट पर हो सार्वजनिक चर्चा
लोकसभा चुनाव 2024 के बाद केंद्र में एनडीए की सरकार बनने के साथ ही समान नागरिक संहिता (UCC) का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान के बाद जहां भाजपा इस मुद्दे पर आगे…
लोकसभा चुनाव 2024 के बाद केंद्र में एनडीए की सरकार बनने के साथ ही समान नागरिक संहिता (UCC) का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान के बाद जहां भाजपा इस मुद्दे पर आगे बढ़ रही है, वहीं सहयोगी दलों के बीच मतभेद भी सामने आने लगे हैं। इसी कड़ी में एनडीए के सहयोगी और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने यूसीसी पर कोई भी फैसला लेने से पहले व्यापक विचार-विमर्श की वकालत की है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा है कि यूसीसी का मसौदा पहले सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उन्होंने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि भारत का सामाजिक ताना-बाना अत्यंत विविधतापूर्ण है, जहां अलग-अलग समुदायों की अपनी परंपराएं और रीति-रिवाज हैं, जिन्हें संविधान भी मान्यता देता है।
संविधान और विविधता का सम्मान
चिराग पासवान ने इस बात पर जोर दिया कि उनकी पार्टी समानता और विविधता दोनों के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्होंने याद दिलाया कि संविधान की पांचवीं और छठी अनुसूची के अलावा अनुच्छेद 371ए और 371जी जैसे कई प्रावधान देश की सांस्कृतिक विविधता की रक्षा करते हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अनुसूचित जनजातियों को विभिन्न कानूनों के तहत विशेष छूट प्राप्त है।
पासवान ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी अपना अंतिम रुख तभी तय करेगी जब प्रस्तावित यूसीसी का मसौदा सार्वजनिक हो जाएगा, सभी हितधारकों पर इसके प्रभावों का आकलन कर लिया जाएगा और इस पर एक विस्तृत राष्ट्रीय बहस होगी। उन्होंने लिखा, “ड्राफ्ट सार्वजनिक हो, सभी हितधारकों के हितों का आकलन हो, व्यापक चर्चा हो और उसके बाद समीक्षा करके पार्टी अपना पक्ष रखेगी।”
एनडीए में अलग-अलग सुर
चिराग पासवान का यह बयान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उस घोषणा के ठीक एक दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि 2029 से पहले सभी भाजपा शासित राज्यों में यूसीसी लागू कर दिया जाएगा। इस घोषणा के बाद से ही यह विषय राष्ट्रीय राजनीति में बहस का केंद्र बन गया है, खासकर एनडीए के भीतर।
इस बीच, झारखंड सरकार के मंत्री संजय प्रसाद यादव ने भी इस मुद्दे पर सधा हुआ रुख अपनाया है। पटना हवाई अड्डे पर उन्होंने पत्रकारों से कहा कि झारखंड सरकार इस मामले के सभी पहलुओं पर नजर रख रही है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले हर पहलू की गंभीरता से समीक्षा की जाएगी।
इनपुट: IANS



