BRICS समिट की दावत में जयपुर की चमक: 300 कारीगरों ने 5 महीने में तैयार किए खास चांदी-कलई वाले बर्तन
दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में जब वैश्विक नेता एक साथ बैठेंगे, तो उनकी मेजबानी में जयपुर की कलात्मक विरासत की एक खास झलक दिखाई देगी। इस बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन के लिए खास तौर पर चांदी…
दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में जब वैश्विक नेता एक साथ बैठेंगे, तो उनकी मेजबानी में जयपुर की कलात्मक विरासत की एक खास झलक दिखाई देगी। इस बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन के लिए खास तौर पर चांदी की परत चढ़े टेबलवेयर और कटलरी तैयार किए गए हैं, जिन्हें जयपुर के लगभग 300 कारीगरों ने मिलकर बनाया है।
समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, जयपुर स्थित 'अरुन्स ग्रुप' ने इस प्रतिष्ठित काम को अंजाम दिया है। ग्रुप के सीईओ अरुण पाबुवाल ने बताया कि इन उत्पादों में पारंपरिक हस्तकला को आधुनिक तकनीक के साथ खूबसूरती से जोड़ा गया है। मेहमानों को परोसे जाने वाले हर व्यंजन के लिए बर्तनों का डिज़ाइन भी अलग-अलग रखा गया है, ताकि अनुभव खास बन सके।
हर व्यंजन के लिए अलग डिजाइन
इस कलेक्शन को तैयार करते समय इस बात का ध्यान रखा गया कि उसमें किस देश का खाना परोसा जाएगा। अरुण पाबुवाल के मुताबिक, अगर रूसी व्यंजन हैं तो टेबलवेयर का डिजाइन उसके अनुरूप है, वहीं भारतीय पकवानों के लिए भारतीय शैली और सौंदर्यशास्त्र को प्राथमिकता दी गई है। स्वागत पेय से लेकर मुख्य भोजन और अंत में स्वीट डिश तक, हर चरण के लिए विशेष बर्तन डिजाइन किए गए हैं।
चार-पांच महीने की मेहनत का नतीजा
इस पूरे प्रोजेक्ट को डिजाइन से लेकर अंतिम उत्पादन तक पूरा करने में करीब चार से पांच महीने लगे। ग्रुप की डायरेक्टर अंतरा पाबुवाल ने बताया कि शुरुआत में कुछ ही उत्पादों की मांग थी, लेकिन बाद में जरूरत के हिसाब से नए आइटम जुड़ते गए और कुल 60 से 70 तरह की वस्तुएं तैयार की गईं। इस प्रक्रिया में डिजाइनिंग, प्रोटोटाइप तैयार करना और फिर फाइनल प्रोडक्शन शामिल था।
कुछ अनोखे उत्पाद भी बनाए गए
टीम ने कई ऐसे उत्पाद भी बनाए जो उन्होंने पहले कभी नहीं बनाए थे। अंतरा पाबुवाल ने बताया कि इनमें एक विशेष 'शॉल ट्रे' भी शामिल है, जिसका उपयोग मेहमानों को शॉल या कंबल जैसी वस्तु भेंट करने के लिए किया जा सकता है। इसके अलावा, एक बड़े आकार का फिंगर बाउल भी आकर्षण का केंद्र है, जिसे मेहमानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सामान्य से बड़ा बनाया गया है। अरुण पाबुवाल ने कहा, "इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन के लिए काम करने में सबसे बड़ी चुनौती केवल उत्पाद तैयार करना नहीं, बल्कि हर बार खुद से बेहतर करने की कोशिश रही।"
इनपुट: IANS



