कांग्रेस को पिछड़ा वर्ग विरोधी बताने का अभियान होगा शुरू !

राज्य सभा में कांग्रेस के संशोधन से पिछड़ा वर्ग आयोग विधेयक लटक जाने से भाजपा नाखुश है। भाजपा पार्टी अब जनता के बीच कांग्रेस को पिछड़ा वर्ग विरोधी बताने का अभियान छेड़ेगी।
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने सांसदों से कहा है कि वे लोगो के बीच जाए और कांग्रेस का पर्दाफाश करे। पार्टी का कहना है कि इससे कांग्रेस का पिछड़ा वर्ग विरोधी चेहरा सामने आया है। इस बीच सरकार ने इस विधेयक को लगभग सालभर के लिए ठंडे बस्ते में दाल दिया है। अगले साल राज्य सभा में सत्तापक्ष कि ताकत बढ़ने के बाद इस बिल को नए सिरे से लाया जाएगा। राज्य सभा में अपनी कमजोरी और कांग्रेस कि रणनीति से मात खाई भाजपा अब पिछड़ा वर्ग आयोग को सवैंधानिक दर्जा देने के मुद्दे पर जनता के बीच जायेगी।

आयोग को सवैंधानिक दर्जा देना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार का बड़ा एजेंडा है। राज्य सभा में इसके लटक जाने से प्रधानमंत्री बेहद नाराज है। सूत्रों के अनुसार, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी संसदीय दल की बैठक में साफ़ कर दिया कि अब सांसद को कांग्रेस को पिछड़ा वर्ग विरोधी बताने के लिए अभियान छेड़ना है। पार्टी भी इस अभियान में शामिल होगी और बताएगी कि किस तरह से कांग्रेस ने संसद में पिछड़ा वर्ग आयोग विधेयक को लटका दिया है। देश में लगभग 52% आबादी पिछड़ा वर्ग से है।

पिछड़े वर्ग के नेताओं ने मोर्चा खोला
संसदीय दल कि बैठक के बाद शाम को भाजपा के तीन प्रमुख पिछड़े वर्ग के नेताओं महासचिव भूपेंद्र यादव, वरिष्ठ नेता हुकुमदेव ने कहा, पिछड़ा वर्ग के लिए कांग्रेस ने काका कालेलकर आयोग से लेकर मण्डल आयोग तक कि सिफारिशों को लागू करने में आनाकानी की और उसका यह चरित्र अब तक बरकरार है। सरकार अनुसूचित जाती व जनजाति आयोगों की तरह पिछड़ा वर्ग आयोग को भी सवैंधानिक दर्जा देने के लिए संविधान संशोधन विधेयक लेकर आई थी।