बिश्केक SCO समिट: पीएम मोदी की आर्मेनियाई समकक्ष से मुलाकात, कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा
किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें कीं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, अपने…
किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें कीं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, अपने व्यस्त कार्यक्रम के तहत शनिवार को उन्होंने आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिनयान से मुलाकात की। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया और यूरेशिया में भू-राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं।
विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी दी कि दोनों नेताओं के बीच कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान रक्षा, अर्थव्यवस्था, फार्मा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, संस्कृति और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया गया। इसके अलावा, दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया के हालात सहित अन्य क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी अपने विचार साझा किए। यह संवाद मध्य एशिया और उससे जुड़े क्षेत्रों के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करने की व्यापक कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा है।
कई अन्य नेताओं से भी मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी का बिश्केक में शनिवार का दिन काफी व्यस्त रहा। दिन की शुरुआत उन्होंने महात्मा गांधी स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ की। आर्मेनियाई प्रधानमंत्री के अलावा, उनका किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सदिर जापारोव और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ भी अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें करने का कार्यक्रम है।
किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सदिर जापारोव के साथ उनकी बैठक दोपहर बाद राष्ट्रपति कार्यालय में प्रस्तावित है। इस बातचीत में द्विपक्षीय संबंधों के अलावा मध्य एशिया की बदलती सुरक्षा स्थिति, कनेक्टिविटी और आर्थिक सहयोग पर चर्चा होने की उम्मीद है। भारत और किर्गिस्तान के बीच पारंपरिक रूप से मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं, जो रक्षा, सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार जैसे क्षेत्रों तक फैले हुए हैं।
पुतिन के साथ बैठक पर टिकी निगाहें
आधिकारिक कार्यक्रम के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी की सबसे महत्वपूर्ण बैठकों में से एक रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ शाम छह बजे होनी है। भारत-रूस संबंधों के मौजूदा दौर में इस मुलाकात को विशेष महत्व दिया जा रहा है। दोनों देशों के बीच रक्षा के अलावा ऊर्जा, व्यापार, निवेश और परमाणु सहयोग जैसे कई रणनीतिक स्तंभ हैं।
इनपुट: IANS



