नोएडा: बीमा पॉलिसी के नाम पर 10 लाख की ठगी, कई राज्यों में फैला था जालसाजों का नेटवर्क
नामी बीमा कंपनियों का एजेंट बनकर आकर्षक मुनाफे का लालच देने और फिर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, गौतमबुद्ध नगर की…
नामी बीमा कंपनियों का एजेंट बनकर आकर्षक मुनाफे का लालच देने और फिर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, गौतमबुद्ध नगर की साइबर क्राइम पुलिस ने इस सिलसिले में दिल्ली के शाहीन बाग निवासी दो लोगों को नोएडा से गिरफ्तार किया है।
आरोपियों की पहचान 34 वर्षीय अमिरुद्दीन और 32 वर्षीय मुशीर अंजुम के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि 20 जुलाई को खुफिया जानकारी और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई। इनके पास से एक लैपटॉप, चार स्मार्टफोन और चार की-पैड मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।
ऐसे करते थे लोगों से धोखाधड़ी
पूछताछ में सामने आया कि ये जालसाज खुद को प्रतिष्ठित बीमा कंपनियों का अधिकृत प्रतिनिधि बताकर लोगों को फोन करते थे। वे पॉलिसी पर भारी रिटर्न, बोनस, मैच्योरिटी राशि या किसी विशेष निवेश योजना का झांसा देकर पीड़ितों को भरोसे में लेते थे। एक बार जब पीड़ित उनकी बातों में आ जाता, तो वे अलग-अलग बहानों से पैसे अपने बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लेते थे।
पुलिस के मुताबिक, ठगी की रकम मिलते ही आरोपी इस्तेमाल किए गए सिम कार्ड को तोड़कर फेंक देते थे, ताकि उन तक पहुंचना मुश्किल हो जाए।
कई राज्यों से जुड़ी हैं ठगी की कड़ियां
अब तक की जांच से पता चला है कि गिरोह ने अलग-अलग म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल कर करीब 10 लाख रुपये की ठगी की है। इन खातों के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर सात शिकायतें दर्ज हैं, जो दिखाती हैं कि गिरोह का जाल केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि कई राज्यों में फैला था। इनमें से चार शिकायतें ओडिशा से, दो तमिलनाडु से और एक महाराष्ट्र से दर्ज कराई गई है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके द्वारा ठगे गए और लोगों का पता लगाया जा सके। पुलिस ने नागरिकों से बीमा संबंधी किसी भी आकर्षक प्रस्ताव पर बिना पूरी जांच-पड़ताल के भरोसा न करने की अपील की है।
इनपुट: IANS



